विवि के परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक प्रो. जोगिंद्र धीमान का कहना है कि इस बार भी आरक्षित वर्ग के लिए पांच लाख की अधिकतम वार्षिक आय की सीमा तय है।
इस आय सीमा के दायरे में आने वाले छात्रों को कोर्स मुफ्त में करवाया जाएगा, वहीं उनकी कोचिंग बैच की कक्षाओं में 75 फीसदी हाजिरी रहने की सूरत में उन्हें तीन हजार की स्कॉलरशिप भी दी जाती है। सामान्य वर्ग के कोचिंग बैच में प्रवेश लेने वाले छात्रों से सेंटर फीस चार्ज करेगा।
कोचिंग संस्थान में अनुसूचित जाति जनजाति की क्रमश: 20 और 18 सीटें, जबकि एससी ओबीसी के लिए प्रवेश में 70:30 के अनुपात में सीटें आरक्षित रहेंगी। कुल मिलाकर इस कोर्स में आरक्षित वर्ग से 50 सीटें भरी जाएंगी। प्रो. धीमान ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं के लिए संस्थान हर वर्ष इसी तरह से कोचिंग बैच बिठाता है।
जेईई 8 अप्रैल, एनईईटी छह मई को
ज्वाइंट एंट्रेस एग्जाम (जेईई-2018) की राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के लिए आठ अप्रैल तिथि तय की गई है, जबकि नेशनल इलिजिब्लिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (एनईईटी-2018) छह मई को होगा।