मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय में बी.टेक. (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए 5 करोड़ रुपये के विशेष अनुदान की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, डेटा स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते क्षेत्रों में अग्रणी संस्थान बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को ग्रीन हाइड्रोजन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय में आठ वर्ष बिताए और उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत भी यहीं से हुई। उन्होंने कहा कि यह संस्थान प्रदेश और देश को अनेक योग्य अधिकारी, शिक्षाविद और जनप्रतिनिधि दे चुका है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और कुलपति प्रो. महावीर सिंह का भी उल्लेख किया, जो इसी विश्वविद्यालय से जुड़े रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वित्तीय चुनौतियों के बावजूद शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं। पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम, राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल, एक्सपोजर विजिट और 150 से अधिक सीबीएसई स्कूल शुरू करने जैसी पहल से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब सरकारी स्कूलों में 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को रोजगारोन्मुखी और तकनीक आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय में आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को बदलती वैश्विक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में 10.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी तथा 6.09 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के प्रशासनिक भवन का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से विद्यार्थियों को आधुनिक शोध सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप विश्वविद्यालय में पांच नए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने आईआईटी रुड़की सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किए हैं।