हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) की कार्यकारिणी परिषद (ईसी) ने ग्रीन एनर्जी एवं नैनो टेक्नोलॉजी में पीएचडी और एमटेक सहित चार नए कोर्स शुरू करने को मंजूरी दी है, जो इसी सत्र से शुरू होंगे। ईसी ने पीएचडी शोध को राष्ट्रीय रक्षा अनुसंधान संस्थानों से जोड़ने का निर्णय लिया। शनिवार को परिसर में हुई ईसी की बैठक में इस तरह के कई फैसले लिए गए।
बैठक की अध्यक्षता कुलपति महावीर सिंह ने की। पाठ्यक्रमों में पीएचडी, एमटेक, स्नातकोत्तर डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स शामिल हैं। ये ऊर्जा, पर्यावरण और नैनो विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा देंगे। परिषद ने डीआरडीओ के इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज के वैज्ञानिकों को शोध पर्यवेक्षण की मंजूरी दी। डीआरडीओ के साथ जुड़ाव से पीएचडी शोधार्थियों को राष्ट्रीय रक्षा अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा। शोध के लिए लर्निंग रिसोर्स सेंटर नोएडा के जीर्णोद्धार के लिए 8.3 करोड़ मंजूर किए। बैठक में पीएचडी शोध प्रबंधों के मूल्यांकन के लिए विषय विशेषज्ञों के पैनल में संशोधन किया गया।
अब 10 विशेषज्ञों के स्थान पर छह का पैनल अनुमोदित किया गया है। इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल स्टडीज का नाम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट करने को मंजूरी मिली। गणित एवं सांख्यिकी विभाग में प्रो. जोगिंदर धीमान को एडजंक्ट फैकल्टी के रूप में इम्पैनल करने की स्वीकृति दी गई। बैठक में एचपीयू की वर्ष 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट को मंजूरी दी। इसके साथ वर्ष 2019-20 के वार्षिक लेखों और ऑडिट रिपोर्ट को भी स्वीकृति दी गई।