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Shimla News: वेतन न मिलने पर एचपीयू कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

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शिक्षकों और गैर कर्मियों ने ठप रखा कामकाज
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बोले, अपने खर्चे कम नहीं कर रही है सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला के साढ़े नौ सौ से अधिक नियमित शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों को जुलाई माह का वेतन चार अगस्त को भी नहीं मिल पाया।

वेतन न मिलने पर विवि के शिक्षक संगठन हपुटवा की अगुवाई में शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों ने सोमवार को कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। खातों में वेतन न आने पर भड़के इन कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से पहले की तरह विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को हर माह की एक तारीख को खातों में वेतन डालने की मांग की। कुलपति कार्यालय के बाहर जुटे शिक्षक, गैर शिक्षक कर्मचारियों ने वेतन न आने पर रोष व्यक्त किया और कहा कि प्रदेश सरकार विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के साथ वेतन के मामले में सौतेला व्यवहार कर रही है। सरकार के अपने विभागों के कर्मचारियों को एक तारीख को वेतन जारी कर दिया है, लेकिन एचपीयू के सैकड़ों कर्मचारी आज चार तारीख को भी वेतन के आने के इंतजार करने को मजबूर हैं।
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पिछले कुछ महिनों से लगातार वेतन समय पर न मिलने से कर्मचारी परेशान हो रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और गैर शिक्षक कर्मचारियों ने भी काम ठप कर प्रदर्शन में भाग लिया। शिक्षक संघ हपुटवा के अध्यक्ष प्रो. नीतिन व्यास और सचिव अंकुश ने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि प्रदेश के सभी कर्मचारियों को समय पर वेतन जारी हो गया और विश्वविद्यालय में अभी तक वेतन नहीं मिला। यह अफसर शाही की ढील है। प्रदेश सरकार अपने खर्चे कम नहीं कर रही है, वहीं कर्मचारियों के वेतन के लिए पैसा न होने की बात की जा रही है। सीएएस के तहत पदोन्नति के लिए शिक्षकों को तरसाया जा रहा है। वर्ष 2022 के बाद अभी तक किसी भी शिक्षक की सीएएस के तहत पदोन्नति नहीं हुई है।
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सरकार ने जारी नहीं त्रैमासिक ग्रांट
प्रदेश सरकार से विश्वविद्यालय को वेतन संबंधित खर्च को पूरा करने के लिए मिलने वाले सहायता अनुदान की त्रैमासिक ग्रांट जारी नहीं हुई है। इससे कर्मचारियों को जुलाई का वेतन उनके खातों में नहीं पहुंचा है। मई माह में भी इसी तरह से विवि के सैकड़ों शिक्षक, गैर शिक्षक कर्मचारियों को इसी तरह से अप्रैल माह के वेतन के लिए आंदोलन पर उतरना पड़ा था। प्रदेश सरकार ने एकमुश्त 38 करोड़ रुपये तीन माह के वेतन के लिए ग्रांट जारी करनी थी जो अभी तक जारी नहीं हुई है। सोमवार को कुलपति और वित्त अधिकारी ने प्रदेश सरकार के वित्त सचिव से इस संदर्भ में मुलाकात की लेकिन देर शाम तक वेतन को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया।
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