हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने जून-जुलाई में हुई यूजी दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा का परिणाम मंगलवार देर शाम को घोषित कर दिया है। विवि ने दावा किया है कि परीक्षा में बैठे 45,915 छात्र छात्राओं में सभी अवार्ड एंटर करने के बाद सौ फीसदी परिणाम घोषित कर दिया है।
अब जिन छात्रों का पूरा परिणाम घोषित नहीं हुआ है, वह इंटरनल असेसमेंट या अवार्ड न आने के कारण रुका होगा। विवि के इस दावे के बावजूद अभी भी हजारों छात्र ऐसे हैं जिनका पूरा परिणाम घोषित नहीं हुआ है। इस कारण छात्र परेशान हैं।
छात्रों का आरोप है कि 45 दिनों में नतीजे घोषित करने के दावे किए थे। तीन माह बाद परिणाम निकला वो भी पूरा नहीं। इससे छात्र परेशान हैं। अब उन्हें रिजल्ट सेटल करवाने में मुश्किलें पेश आएगी।
इन दिनों ये छात्र तीसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं दे रहे हैं। 13 नवंबर से उनकी चौथे सेमेस्टर की कक्षाएं भी शुरू होनी हैं। ऐसे में उन्हें पूरा परिणाम घोषित न होने की असल वजह तक साफ नहीं हो रही है। राजधानी के ही कई छात्रों के एक से अधिक विषयों के अवार्ड एंटर नहीं हुए हैं। इससे उनका परिणाम अधूरा घोषित हुआ है।
सौ फीसदी अवार्ड एंटर : डॉ. जेएस नेगी
एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी का कहना है कि यूजी की जून-जुलाई में हुई परीक्षा का सौ फीसदी परिणाम घोषित कर दिया है। यदि किन्हीं छात्रों का अधूरा परिणाम है, तो अवार्ड पूरे न आना उसकी वजह है।
इसके लिए संबंधित कॉलेजों को अवॉर्ड भेजने को रिमाइंडर भेजे हैं। प्रदेश के सुंदरनगर, सोलन, नाहन, धर्मशाला, मंडी के साथ सभी ऐसे कॉलेजों से शेष बचे अवार्ड भेजने को ई-मेल की है। विवि को जो लिखित परीक्षा और प्रेक्टिकल के अवार्ड मिले, उन सब की एंट्री कर सौ फीसदी नतीजे घोषित कर दिए गए हैं।
कॉलेजों से ही सेटल होंगे शेष मामले
एचपीयू परीक्षा नियंत्रक ने दूसरे सेमेस्टर के छात्रों के लिए साफ किया है कि जिनके नतीजे अधूरे हैं, वे संबंधित कॉलेज के माध्यम से ही विवि को आवेदन करें। सीधे एचपीयू न आकर वे कॉलेजों के माध्यम से ही अपने केस का पता करवा, सेटल करने क्ज्ञ आवेदन करें। असेसमेंट के अवार्ड कॉलेजों से आने के बाद ही उनकी एंट्री कर परिणाम पूरे कर घोषित हो सकेंगे।
जून में घोषित किया छठे सेम का परिणाम
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने पहली बार जुलाई में होने वाली पीजी में प्रवेश की काउंसिलिंग प्रक्रिया के लिए यूजी छठे सेमेस्टर की परीक्षा का परिणाम की आवश्यकता को देखते हुए, परीक्षाओं के साथ ही
परीक्षा केंद्रों में इस सेमेस्टर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करवाकर जून के अंत में ही इस सेमेस्टर का परिणाम घोषित कर दिया था। इससे निश्चित तौर पर पीजी में प्रवेश लेने वाले छात्रों की परेशानी दूर हुई थी। विवि ने चौथे सेमेस्टर का नतीजा अगस्त के अंत तक घोषित किया था। दूसरे के परिणाम निकालने में तीन माह का समय लग गया।
छात्रों जरूरत के हिसाब से तय की प्राथमिकता
विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि जून-जुलाई में हुई दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा देने वाले छात्रों की अब सप्लीमेंटरी परीक्षा फिर जून के आस-पास होगी। उनके पास दूसरे सेमेस्टर की दोबारा दी जाने वाली परीक्षा की तैयारी करने को सात से आठ माह का समय होता है। इसलिए सबसे अंत में यह परिणाम घोषित किया है।