भंग हो चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के बहुचर्चित पेपर लीक मामले में तीन आरोपियों की जमानत पर शनिवार को सुनवाई टल गई। अब इस मामले में न्यायालय पांच सितंबर को फैसला सुनाएगा। शनिवार को आयोग से निलंबित वरिष्ठ सहायक एवं मुख्य आरोपी उमा आजाद, आरोपी बेटा निखिल आजाद और दलाल संजीव कुमार की जमानत पर सुनवाई होनी थी। अभी उमा आजाद और उसका बड़ा बेटा पुलिस हिरासत में है।
माना जा रहा है कि विजिलेंस जांच प्रभावित न हो, इसलिए अब पांच सितंबर को जमानत पर फैसले की तारीख मुकर्रर की है। यह तीनों आरोपी 23 दिसंबर 2022 से सलाखों के पीछे हैं। इन तीनों ने जिला सत्र न्यायालय हमीरपुर में पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी पेपर लीक मामले में जमानत के लिए अर्जी थी दी। इस पर गत दिवस बहस की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब केवल जमानत पर फैसला आना बाकी है।
एसआईटी ने जमानत पर फैसले से एक दिन पहले शुक्रवार को न्यायालय से मुख्य आरोपी उमा आजाद और उसके बड़े बेटे नितिन आजाद की नीलामीकर्ता भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में न्यायिक हिरासत को चार दिन की पुलिस हिरासत में तबदील करवा लिया था। शनिवार को एसआईटी ने मां और बेटे से नीलामीकर्ता भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में तीखे सवाल पूछे। नीलामीकर्ता भर्ती परीक्षा में उमा का बड़ा बेटा नितिन आजाद टॉपर रहा है।
एसआईटी को शक है कि जब बेटे को परीक्षा पास करवाने के लिए पेपर लीक किया गया तो उस दौरान यह पेपर अन्य अभ्यर्थियों को भी वितरित किया गया होगा। दोनों से विजिलेंस थाना में करीब ढाई घंटे तक पूछताछ हुई। 16 जून 2023 को एसआईटी ने पोस्ट कोड 899 नीलामीकर्ता भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में उमा आजाद, उसके बड़े बेटे नितिन आजाद और पूर्व सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
जिला सत्र न्यायालय में उमा आजाद, दलाल संजीव कुमार और निखिल आजाद की जमानत पर सुनवाई शनिवार को नहीं हो पाई है। अब अदालत पांच सितंबर को फैसला सुनाएगा। नीलामीकर्ता भर्ती परीक्षा मामले में उमा और उसके बेटे से पूछताछ चल रही है।
- राहुल नाथ, एसपी विजिलेंस, मंडी।