सरकारी स्कूल से की आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई
सरकारी स्कूल कायना से आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उमेश ने नाैवीं और दसवीं यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल समरहिल से पूरी की। इसके बाद डीएवी लक्कड़ बाजार से 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के बाद बद्दी यूनिवर्सिटी जिला सोलन से मैकेनिकल में बीटेक की पढ़ाई की। इसके बाद 2016 में छह माह तक बंगलूरू में निजी क्षेत्र में बद्दी में पढ़ाई करने के बाद उमेश ने प्रशासनिक अधिकारी बनने के अपने लक्ष्य को प्राथमिकता देते हुए नाैकरी को छोड़ दी। 2019 में हिमाचल एलाइड सर्विसेज की परीक्षा पास की और आबकारी एवं कराधान विभाग में इंस्पेक्टर बने।
चार से पांच घंटे करते थे पढ़ाई
इसी दौरान उन्होंने एचएएस की लिखित परीक्षा पास की, लेकिन साक्षात्कार में उर्तीण नहीं हो पाए । उमेश ने बताया कि उन्होंने हौसला कम नहीं होने दिया, एचएएस की परीक्षा की तैयारी जारी रखी। विभाग में इंस्पेक्टर पद पर सेवाएं देने के साथ मेहनत जारी रखी, रूटीन में चार से पांच घंटे पढ़ाई को निकालते रहे। उमेश ने बताया कि उन्होंने महज छह माह के लिए चंड़ीगढ़ से कोचिंग ली और परीक्षा की तैयारी करते रहे। उन्होंने बताया कि बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त पिता दिवाकर दत्त शर्मा और गृहिणी माता मीरा शर्मा ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने और मेहनत करने के लिए प्रेरित किया, हर कदम पर सहयोग और प्रोत्साहित किया।
छोटे से गांव से निकले उमेश की हर तरफ चर्चा
उन्हीं के आशीर्वाद से ये मुकाम हासिल कर पाया। छोटे से गांव से पढ़कर निकले उमेश की इस सफलता की हर तरफ चरचा है। उन्हें और परिवार को लगातार बधाई के संदेश आ रहे है। पिता ने कहा कि बेटे ने मन लगाकर मेहनत की और कभी हार नहीं मानी, यही वजह है कि आज उसने जो चाहा वो उसे मिला। उमेश के रिश्तेदार और पूर्व में चायली वार्ड से जिला परिषद सदस्य रहे राजेश शर्मा ने बताया कि उमेश ने अपने परिवार का ही नहीं समूचे शिमला ग्रामीण की जनता का मान-सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने उमेश को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए उनके भावी जीवन को शुभाकमनाएं दीं।