राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) का अलग से विंग गठित करेगा। एसओएस का अलग विंग गठित होने से बोर्ड का काम कम होगा। एसओएस की परीक्षाओं के संचालन में भी आसानी होगी। अब तक स्कूल शिक्षा बोर्ड ही एसओएस की परीक्षाएं भी संचालित करता आया है। शनिवार को राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की बीओडी की बैठक में एसओएस का अलग विंग गठित करने का फैसला लिया गया।
इसके अलावा नैतिक शिक्षा, स्वतंत्रता संग्राम और योग पाठ्यक्रम में शामिल करने, जबकि जीव विज्ञान विषय को अतिरिक्त विषय और ऐच्छिक विषय शारीरिक शिक्षा का मुख्य विषय में बदलने पर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के स्कूलों में योग की प्रतिस्पर्धाएं करवाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में निजी शिक्षण संस्थानों के नियमों में संशोधन, प्रैक्टिकल परीक्षाओं में प्राध्यापकों/अध्यापकों के ऑनलाइन और ऑफलाइन अंक आवंटन में पाई जा रही त्रुटियों में सुधार, फाइनल आंसर-की तैयार होने और निर्धारित तिथि के बाद कोई भी आपत्ति दर्ज न करने का भी फैसला लिया गया। मूल्यांकन कार्य के लिए अनुभवी प्राध्यापकों और अध्यापकों के न मिलने पर मूल्यांकन केंद्रों में तैनात कम अनुभव वाले प्राध्यापकों और अध्यापकों को छूट दी गई।
बैठक में विधायक अर्जुन सिंह, रविंद्र कुमार, निदेशक उच्चतर शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा, प्रतिनिधि प्रो डीपी वर्मा, डॉ पीसी शर्मा, डॉ विनय चौहान, डॉ राजेंद्र कुमार, उप निदेशक प्राथमिक शिक्षा भाग चंद, राजकीय महाविद्यालय चंबा प्राचार्य शिव दयाल, हिमाचल शिक्षा समिति शिमला के महासचिव दिला राम, राउवि सेओला बिलासपुर मुख्य अध्यापक पवन कुमार, केएम पब्लिक स्कूल रामपुर की प्रधानाचार्य नीना शर्मा, पालमपुर से रामेश चंद और शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ हरीश गज्जू मौजूद रहे।