मानसून से प्रदेश में हुए नुकसान पर सदन में चर्चा न होने से खफा विपक्षी दल कांग्रेस ने शनिवार को सत्र के आखिरी दिन सुबह ही वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस विधायक दल प्रश्नकाल स्थगित कर मानसून में सरकार की विफलता पर चर्चा करवाना चाह रहा था, लेकिन कांग्रेस की यह मांग जब नहीं मानी गई तो खफा होकर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
कांग्रेस विधायक दल का आरोप था कि सरकार इस मसले पर पूरी तरह विफल रही है और जब चर्चा की मांग की जा रही है तो वह बच रही है। वॉकआउट से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मध्यस्थता करते हुए कहा कि पहले भी इस मुद्दे पर विभिन्न नियमों के तहत चर्चा हो चुकी है।
ऐसे में अब चर्चा के लिए प्रश्नकाल स्थगित नहीं किया जा सकता। हालांकि विपक्ष के विधायक नहीं माने और वॉकआउट कर गए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपक्ष के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए इसे सत्र का मजाक बताया। सीएम ने कहा कि चर्चा के दिन विपक्ष के विधायक वेल में बैठकर हंगामा कर रहे थे और आज उसी मुद्दे पर चर्चा के लिए प्रश्नकाल को स्थगित करने का बहाना बनाते रहे।
इनका मकसद प्रदेश या जनता का हित नहीं, बल्कि राजनीति करना है। चुटीले अंदाज में सीएम ने कहा कि ईश्वर इन्हें सद्बुद्धि दे। कांग्रेस विधायक दल के वॉकआउट के बावजूद प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रही।