अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) हिमाचल प्रदेश की अध्यक्षता में जिला उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों व हितधारक विभागों के साथ सड़क सुरक्षा पर बैठक में चर्चा के दौरान यह बात सामने आई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बैठक में हर महीने हादसों को लेकर हादसों के कारणों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान वर्ष 2024 में हुई सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का भी अवलोकन किया गया। इसमें सामने आया कि वर्ष 2024 में गाड़ियों के सड़क से नीचे गिरने के 317 मामले सामने आए जिनमें 226 लोगों की मृत्यु हुई व 495 लोग घायल हुए हैं। वर्ष 2024 में वर्ष 2023 की तुलना में ऐसे हादसों में 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है व इन हादसों में मरने वालों की संख्या में 14.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन ने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अपने जिलों में 5 ऐसे स्थानों को चयनित करें जहां पर रन आफ रोड के हादसे अधिक हुए हों व इनकी रोकथाम के लिए उचित इंजीनियरिंग विधि से समाधान करें।
अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन ने जिला पुलिस अधीक्षकों व सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने जिलों में विशेष एंफोर्समेंट अभियान चलाएं जिसमें उन वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए जो शराब पीकर व मादक पदार्थो का सेवन करके वाहन चला रहे हों, गलत दिशा में वाहन चला रहे हों या तय गति सीमा से अधिक गति से वाहन चला रहे हों। इसके अतिरिक्त ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए, जिनका सामान वाहन से बाहर लटका हो या तय सीमा से अधिक सामान या सवारियां ले जा रहा हो। मुख्य सचिव परिवहन ने इस अभियान के दौरान की गई कार्रवाई की समीक्षा बैठक 15 फरवरी को करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन ने परिवहन विभाग द्वारा चलाई जा रही राहवीर योजना की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना के दौरान घायलों की मदद करने वाले नेक व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सड़क दुर्घटनाओं में घायल पीड़ित व्यक्तियों को मुआवजा 50 हजार व दुर्घटना के दौरान यदि इस टक्कर से उसकी मृत्यु हो गई हो तो 2 लाख रुपये की राशि क्रमशः दी जा रही है।