उन्होंने कहा कि विधायकों का यह हक है कि वह विधानसभा में प्रश्न पूछें और उसका जवाब हासिल करें, लेकिन सरकार उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने की कोशिश कर रही है। स्थिति ऐसी बन गई है कि सरकार जवाब ही नहीं दे पा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से मंडी में मनाए जाने वाले तीन साल के जश्न पर कहा कि प्रदेश सरकार आपदा के पैसे को जश्न पर खर्च करने जा रही है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश सरकार को चाहिए था कि वह इस पैसे को जश्न पर खर्च करने के बजाए, उन लोगों को राहत देने के रूप में खर्च करती। जो इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जोरावर स्टेडियम में उनके प्रदर्शन की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। सरकार ने पहले जोरावर में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन उन्होंने अब 5000 कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन करने को कहा है। जब हम सत्ता में थे तो हमने कभी भी किसी को प्रदर्शन करने से नहीं रोका। किसी ने अगर जोरावर स्टेडियम मांगा तो उसे हमने प्रदर्शन के लिए इसकी अनुमति दी। विधानसभा के घेराव को लेकर पूछे गए प्रश्न पर जयराम ठाकुर ने कहा कि अभी उनका जोरावर स्टेडियम में ही प्रदर्शन करने की योजना है, अगर सरकार उन्हें प्रदर्शन करने से रोकती है तो वह विधानसभा परिसर में भी प्रदर्शन करने से गुरेज नहीं करेंगे।
एबीवीपी के प्रदर्शन से पहले कार्यकर्ताओं को पुलिस हिरासत में लेने के मामले पर उन्होंने कहा कि संस्थाओं को यहां सभी संस्थाओं को लोकतांत्रिक अधिकार है कि वे प्रदर्शन करें। विद्यार्थी परिषद को भी अपनी बात कहने का अधिकार है। जयराम ने कहा कि जॉब ट्रेनिंग पॉलिसी पर मुख्यमंत्री ने जो बात कही है, उस से वह सहमत नहीं हैं। प्रदेश उच्च न्यायालय मामले पर संज्ञान लेता है कॉन्ट्रेक्ट शब्द पर न्यायालय का ऑब्जेक्शन था, अब जैसे ही उन्हें पता चलेगा तो मामला फिर वही पहुंच जाएगा।