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HP High Court: पिंजौर-परवाणू हाईवे पर सड़े हुए सेब की दुर्गंध पर मुख्य सचिव को नोटिस

Mon, 14 Nov 2022 07:15 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

पिंजौर-परवाणू हाईवे पर सड़े हुए सेब की दुर्गंध से निजात दिलाने के लिए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एचपीएमसी और उपायुक्त सोलन को प्रतिवादी बनाया है। 
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हिमाचल हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 पिंजौर-परवाणू हाईवे पर सड़े हुए सेब की दुर्गंध से निजात दिलाने के लिए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एचपीएमसी और उपायुक्त सोलन को प्रतिवादी बनाया है। मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रतिवादियों से तीन हफ्ते में जवाब तलब किया है। बता दें कि राज्य में प्रवेश करने वाले पर्यटकों को नेशनल हाईवे-5 के पिंजौर-परवाणू  के किनारे खड़े सेबों से लदे ट्रकों से निकलने वाली बदबू परेशान करती है।

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बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत खरीद की प्रतीक्षा में, यात्री राजमार्ग के किनारे लगे बोरियों में सेब से लदे ट्रकों को देखा जा सकता है। गुणवत्ता वाले सेब को बाजार में बेचा जाता है, शेष को बोरियों में पैक किया जाता है और खरीद के लिए परवाणू पहुंचाया जाता है। फल की खरीद करने वाले ठेकेदारों को एचपीएमसी और हिमफेड की ओर से  काम सौंपा जाता है। कई बार ट्रक वालों को खरीद के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है और अधिक तापमान के कारण फल सड़ने लगते हैं। ऐसे में हिमाचल की यात्रा करने वाले पर्यटकों को इस दुर्गंध के साथ राज्य में स्वागत होता है। इस मामले में एचपीएमसी के अधिकारी ट्रकों की कमी की दलील देते रहे हैं।

टैक्सी यूनियन के अवैध निर्माण पर मुख्य सचिव से जवाब तलब 
वहीं, प्रदेश हाईकोर्ट ने टैक्सी यूनियन की ओर से अवैध निर्माण पर मुख्य सचिव से जवाब तलब किया है। याचिका में प्रधान सचिव गृह, उपायुक्त और एसपी शिमला को प्रतिवादी बनाया गया है। मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने प्रतिवादियों से तीन हफ्ते में जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ता राकेश कुमार ने आरोप लगाया है कि जय मां काली टैक्सी यूनियन ने बीसीएस के पास अतिथि होटल के सामने पार्किंग का निर्माण किया है। सूचना के अधिकार अधिनियम में प्राप्त सूचना के अनुसार प्रतिवादी यूनियन के पास इसकी कोई अनुमति नहीं है। सड़क के किनारे 15 गाड़ियों की पार्किंग बना दी गई है। इसके कारण ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई  है कि उसकी टैक्सी यूनियन से कोई जाति दुश्मनी नहीं है। आम लोगों की परेशानी को देखते हुए यह याचिका जनहित में दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने अदालत से गुहार लगाई है कि इस अवैध पार्किंग को तुरंत प्रभाव से हटाए जाने के आदेश पारित किए जाएं। 
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