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HRTC में 500 कंडक्टर भर्ती का मामला, हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

Wed, 27 Jul 2016 10:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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विवादों में रही 500 कंडक्टरों की भर्ती पर बड़ा फैसला आया है। हिमाचल हाईकोर्ट ने एचआरटीसी में 500 कंडक्टरों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा में हुए कथित घोटाले कि जांच को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी है।
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मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने याचिका की मैंटेनबिलिटी पर सवाल उठाते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने प्रार्थियों से सवाल किया था कि जब 12 जून को उन्हें लिखित परीक्षा में गड़बड़ी का पता चला तो वे उस परीक्षा के परिणाम का इंतजार क्यों करते रहे।

जब वे सफल नहीं हुए तो परीक्षा प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगाने लगे। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से यह बताने के लिए कहा था कि याचिका किस तरह मेंटेंनेबल है।
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कोर्ट ने इस याचिका के कारण प्रभावित होने वाले संभावित उम्मीदवारों को प्रतिवादी न बनाने के कारण याचिका को प्रथम दृष्टया मान्य नहीं पाया और याचिका को बिना नोटिस जारी किए खारिज कर दिया।

परिवहन मंत्री पर नजदीकियों को लाभ देने का था आरोप

मामले के अनुसार प्रार्थी नरेंद्र कुमार सहित 19 याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि परिवहन मंत्री जीएस बाली के नजदीकियों को लाभ देने के लिए इस भर्ती में अयोग्य उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में सफल घोषित कर साक्षात्कार लिया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि एचआरटीसी द्वारा इस वर्ष विज्ञापित 500 अस्थायी कंडक्टरों की भर्ती परीक्षा में बड़ा घोटाला हुआ है।

उम्मीदवारों को प्रतिवादी बनाने में रहे असफल
परीक्षा में करीब 30000 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 1630 अभ्यर्थियों को एक जुलाई से शुरू हुए साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था।

प्रार्थियों ने परिवहन विभाग के प्रधान सचिव सहित एचआरटीसी के चीफ  जनरल मैनेजर, शिमला, मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा के डिविजनल मैनेजरों को प्रतिवादी बनाया था लेकिन याचिका के कारण प्रभावित होने वाले सफल उम्मीदवारों को प्रतिवादी बनाने में असफल रहे जिस कारण याचिका को खारिज कर दिया गया।
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प्रश्न पुस्तिकाओं के बंडल नहीं थे सील्ड

प्रार्थियों के अनुसार इन पदों की भर्ती के लिए 12 जून को ली गई लिखित परीक्षा में नई बात देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों में प्रश्न पुस्तिकाओं के बंडल न ही सील्ड थे और न ही प्रत्येक प्रश्न पत्र सील्ड था, जबकि जब भी कोई लिखित परीक्षा होती है तो उनमें प्रश्न पत्र सील्ड होते हैं।

परीक्षा पर्यवेक्षकों की हिदायत अनुसार ही उन्हें खोला जाता है। परिवहन मंत्री व एचआरटीसी में तैनात बड़े अधिकारियों के नजदीकियों को लाभ देने के लिए इस भर्ती में अयोग्य उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में सफल घोषित कर साक्षात्कार लिया जा रहा है। इस धांधली को उजागर करने वाले अभ्यर्थियों की आवाज को दबा दिया गया।
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