न्यायमूर्ति संजय करोल, न्यायमूर्ति डीसी चौधरी, न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान, न्यायमूर्ति सुरेश्वर ठाकुर, न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल, न्यायमूर्ति संदीप शर्मा तथा न्यायमूर्ति चंद्र भूषण बारोवालिया भी उपस्थित रहे।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि आज के परिदृश्य में त्वरित एवं प्रभावी न्याय प्रदान करना न्यायपालिका के समक्ष बहुत बड़ी चुनौती है। प्रत्येक मामले को निपटाने के लिए तय समयसीमा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बार तथा बेंच का अस्तित्व तभी सार्थक होगा, जब वे गरीब व्यक्ति के आंसू पोंछने के योग्य हों। फुल कोर्ट स्वागत संबोधन से पूर्व हाईकोर्ट परिसर में मुख्य न्यायाधीश को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
न्यायमूर्ति संजय करोल ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत का मुख्य न्यायाधीश का कार्यभार संभालने पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति सूर्यकांत एक सरल व सहृदय व्यक्ति हैं।हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट प्रतिभाशाली व पर्यावरण के प्रति सचेत मुख्य न्यायाधीश पाने पर आज अपने को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि न्याय प्रदान करने में उनका अद्वितीय योगदान, युवा अवस्था में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट का न्यायाधीश बनना तथा उनका हर क्षेत्र में योगदान बड़ी उपलब्धियां रही हैं।
महाधिवक्ता अशोक शर्मा, बार परिषद के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव जीवन तथा भारत के अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल राजेश शर्मा ने भी विचार रखे।समारोह में सेवानिवृत्त
न्यायाधीश वीपी भटनागर, एके गोयल, कुलदीप सिंह कंवर, ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष वीके शर्मा, राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष पीएस राणा, पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, हिमाचल हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार, पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे।