प्रदेश हाईकोर्ट ने बीएड की खाली पड़ी सीटों को अपने स्तर पर भरने की छूट दिए जाने की मांग वाली याचिका पर सरकार और विश्वविद्यालय को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने प्रदेश बीएड कॉलेज एसोसिएशन की याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किए। याचिका के अनुसार प्रदेश में मौजूद सत्र के लिए 73 निजी बीएड कॉलेजों में 8500 सीटों को भरने के लिए केवल 8100 छात्रों ने ही आवेदन किया।
अधिकतर छात्र प्रवेश परीक्षा में फेल होने के कारण एडमिशन नहीं ले सके। इस कारण उनके संस्थानों में अधिकांश सीटें खाली रह गई हैं। 3100 छात्रों को निजी शिक्षण संस्थानों में दाखिला देने के लिए विश्वविद्यालय ने अनुमति प्रदान की।
इससे लगभग 5 कॉलेजों में ही आधे से अधिक सीटें भरी जा सकी जबकि कुछ कॉलेजों को तो केवल एक-एक छात्र ही मिला। अभी भी करीब 4000 सीटें खाली पड़ी हैं। प्रार्थी संस्था की मांग है कि उन्हें अपने स्तर पर इन सीटों को भरने की इजाजत दी जाए। मामले पर सुनवाई 19 सितंबर को होगी।