यदि आप भी ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो फिर अपनी जेब ढीली करने के लिए तैयार हो जाएं। हिमाचल प्रदेश आबकारी एवं कराधान विभाग ने मंगलवार को आनलाइन शापिंग सामान के प्रदेश में प्रवेश करने पर पांच प्रतिशत एंट्री टैक्स लगाने की नोटिफिकेशन जारी कर दी है।
इसके साथ ही बुधवार से ई कामर्स साइटों के जरिये खरीदे जाने वाले हर सामान के प्रदेश में प्रवेश पर कोरियर कंपनियों को टैक्स चुकाना पड़ेगा। हालांकि यह टैक्स प्रत्यक्ष रूप से हिमाचल वासियों पर लागू नहीं होता।
लेकिन व्यापार विशेषज्ञों की मानें तो कोरियर कंपनियां इस एंट्री टैक्स को अपनी लागत में जोड़ेंगी। जिसकी वजह से या तो ई कामर्स साइटों पर हिमाचल में सामान मंगाना महंगा हो जाएगा या फिर सामान मिलने पर अतिरिक्त रकम चुकानी पड़ेगी।
हर सामान पर चुकाना पड़ेगा 5 फीसदी टैक्स
बता दें, हिमाचल प्रदेश सरकार ने मानसून सत्र के दौरान हिमाचल प्रदेश स्थानीय क्षेत्र में माल के प्रवेश पर कर अधिनियम 2010 के नियमों में संशोधन कर किया था। इसे हिमाचल प्रदेश स्थानीय क्षेत्र में माल के प्रवेश पर कर संशोधन नियम 2017 नाम दिया गया।
इसके तहत कोरियर कंपनी या सामान वाहक को निर्धारित प्रोफार्मा में माल की जानकारी देनी होगी। साथ ही माल पर पांच प्रतिशत एंट्री टैक्स भी चुकाना होगा।
टैक्स कंपनी पर मगर चुकाएगी जनता
चार्टर्ड अकाउंटेंट सचिन डोगर कहते हैं कि यह टैक्स वैसे तो सीधे तौर पर आम लोगों पर नहीं लगाया गया है। लेकिन इस टैक्स का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। दरअसल, अभी तक हर कोरियर कंपनी माल ग्राहक तक पहुंचाने के एवज में ई कामर्स साइट से निर्धारित रकम वसूलती थी।
लेकिन चूंकि अब कोरियर कंपनी पर हर माल पर पांच प्रतिशत टैक्स लगेगा, ऐसे में वह यह रकम कंपनी से वसूल करेगी। इसी तरह कंपनी भी उत्पाद के दामों में इजाफा कर टैक्स की रकम को ग्राहक से ही वसूल करेगी।