राज्य को मिली विद्युत परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी की शक्तियां जल्द 50 मेगावाट से बढ़कर 100 मेगावाट होने वाली हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने प्रदेश सरकार को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने पत्रकारों को अनौपचारिक बातचीत में कहा कि जल्द केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय अधिसूचना जारी करने वाला है। बताया कि हाल ही में वे देश के पर्यावरण मंत्रियों की दिल्ली में हुई बैठक में शामिल हुए।
यहां उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से यह मांग उठाई थी। सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने की। वन मंत्री ने बताया कि सम्मेलन के दौरान प्रदेश पर्यावरण प्रभाव आकलन से संबंधित मुद्दों को उन्होंने उठाया।
प्रदेश सरकार प्लास्टिक के उचित निष्पादन एवं प्रबंधन को प्लास्टिक कचरे से ऊर्जा उत्पन्न करने वाले संयंत्रों की स्थापना कर रही है। उन्होंने नदी, घाटियों पर पर्यावरणीय प्रभावों के मूल्यांकन अध्ययन करने पर बल दिया।
कहा कि राज्य के सभी नदी तटों के लिए इस प्रकार का आकलन किया जाना चाहिए। बताया कि केंद्र सरकार ने प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन पर किए जा रहे कार्यों के लिए हिमाचल की सराहना की।