फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दस से कम ओपीडी वाली आयुर्वेद डिस्पेंसरियों पर संकट, जानिए क्या है मामला

Tue, 20 Mar 2018 11:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश में दस से कम दैनिक ओपीडी वाली आयुर्वेद डिस्पेंसरियों पर संकट खड़ा हो गया है। सरकार के आयुर्वेद महकमे ने ऐसी डिस्पेंसरियों का ब्योरा तलब किया है। सभी जिला आयुर्वेद अधिकारी अपने निदेशालय को इसका विवरण देंगे। 

विज्ञापन


राज्य में आयुर्वेद विभाग की साढे़ ग्यारह सौ से अधिक डिस्पेंसरियां हैं। इनकी समीक्षा की जाएगी। चर्चा ये है कि ओपीडी कम आने की स्थिति में डाक्टरों को नोटिस भेजे जा सकते हैं। उनसे पूछा जा सकता है कि ऐसा क्यों हो रहा है। 

कई डिस्पेंसरियों को अन्य डिस्पेंसरियों के साथ भी मर्ज किया जा सकता है। हालांकि, ये ब्योरा क्यों मांगा गया है? इस बारे में अधिकारी सही-सही कुछ नहीं बता रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार इस बात से चिंतित

इसके बावजूद विभाग में चर्चा है कि इन डिस्पेंसरियों में हो रहे जरूरत से ज्यादा के खर्च और अधिकांश लोगों का लाभ नहीं मिलने से राज्य सरकार चिंतित है। ये भी माना जा रहा है कि इन डिस्पेंसरियों में ओपीडी की संख्या बढ़ाने के लिए आगामी कार्ययोजना भी तैयार की जा सकती है।

कम ओपीडी वाली डिस्पेंसरियों में अगर स्टाफ ज्यादा हो तो इसका भी युक्तिकरण किया जा सकता है।  राज्य आयुर्वेद विभाग की संयुक्त निदेशक भावना ने इसकी पुष्टि की है कि सभी आयुर्वेद डिस्पेंसरियों से ओपीडी में मरीजों की संख्या का ब्योरा मांगा गया है। ये ब्योरा सरकार की ओर से मांगा गया है। क्यों मांगा गया है? निदेशालय स्तर पर इसकी कोई जानकारी नहीं है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें