हिमाचल के निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम का पालन नहीं करने और सोसाइटी की आड़ में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने पर प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने कड़ा संज्ञान लिया है।
हिमालयन पर्यावरण संरक्षण संगठन कुल्लू की शिकायत पर प्रदेश के मुख्य सचिव और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के प्रोजेक्ट निदेशक को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया गया है।
हिमालयन पर्यावरण संरक्षण संगठन ने आरोप लगाए हैं कि प्रदेश के निजी स्कूलों में आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित नहीं की जा रही हैं।
निजी स्कूल सोसाइटी की आड़ में वर्दियां, कॉपी-किताबें और अन्य खाद्य सामग्री बेच रहे हैं। पीएमओ ने मुख्य सचिव से इसकी जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। संगठन के अध्यक्ष अभिषेक राय ने बताया कि जिला कुल्लू समेत प्रदेश के निजी
स्कूलों में आरटीई एक्ट का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है। स्कूलों में किताबें और वर्दियां धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। मनमानी न रुकने पर उन्होंने इसकी शिकायत पीएमओ और एचआरडी मंत्रालय से की है।