हिमाचल के स्कूलों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों में सरप्लस स्टाफ रखने वाले अफसरों, प्रिंसिपलों और डीडीओ का वेतन काटा जाएगा। काटे गए वेतन से सरप्लस कर्मचारी और शिक्षक को वेतन दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था करते हुए ट्रांसफर कर्मचारी-शिक्षक को रिलीव नहीं करने और उसके स्थान पर स्थानांतरित होकर आए नए कर्मचारी-शिक्षक को ज्वाइनिंग देने पर कड़ा संज्ञान लिया है। उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने कहा है कि जिम्मेवार अफसरों की कार्यप्रणाली के चलते किसी जगह स्टाफ सरप्लस हो रहा है तो कहीं स्टाफ की कमी हो रही है।
शिक्षा विभाग के मुताबिक इस तरह के मामले होने के चलते ही कोर्ट केस बढ़ रहे हैं। वेतन देने में भी परेशानियां पेश आ रही हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विभाग ने नई व्यवस्था करते हुए स्पष्ट किया है कि कोर्ट से स्टे होने पर सरप्लस कर्मचारी को तुरंत वापस भेजा जाए।
जिस व्यक्ति ने तबादला रोकने के लिए कोर्ट से स्टे लिया है और जिस व्यक्ति ने स्टे लेने वाले व्यक्ति की जगह ज्वाइन किया है ऐसी परिस्थिति में कोर्ट से स्टे करवाने वाले व्यक्ति की जगह स्थानांतरित होकर आए कर्मचारी को उसके पुराने स्कूल या दफ्तर में वापस भेजा जाए।
उच्च शिक्षा निदेशक ने कहा है कि डीडीओ, प्रिंसिपल और कंट्रोलिंग अफसर को इस तरह के मामलों में विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। अगर आदेशों की अनदेखी की गई तो संबंधित डीडीओ, प्रिंसिपल और कंट्रोलिंग अफसर के वेतन से सरप्लस कर्मचारी-शिक्षक को वेतन दिया जाएगा।