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HP Congress: काम नहीं होने पर उखड़े पूर्व मंत्री और विधायक, सरकार में कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर खोला मोर्चा

Fri, 17 Apr 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

शिमला के राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति और राजनीतिक मामलों की कमेटी (पीएसी) की बैठक में पार्टी के कई पूर्व मंत्रियों, विधायकों, प्रत्याशियों और जिला अध्यक्षों ने संगठन और सरकार के कामकाज पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। 
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राजीव भवन शिमला में हिमाचल कांग्रेस की बैठक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिमला के राजीव भवन में गुरुवार को हुई प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की कमेटी की बैठक में नेताओं का असंतोष खुलकर सामने आया। प्रभारी रजनी पाटिल की मौजूदगी में कई नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला परिषद प्रत्याशियों का चयन मुख्यमंत्री कार्यालय से तय हो रहा है, जिससे संगठन की भूमिका कमजोर हो रही है। बैठक में पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर और सराज से पूर्व प्रत्याशी चेतराम सहित अन्यों ने कार्यकर्ताओं के काम न होने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया।  बैठक में जिला शिमला के नेताओं ने राजधानी से सरकारी दफ्तरों को शिफ्ट करने का भी कड़ा विरोध जताया और कहा कि इससे जनता में नाराजगी बढ़ रही है। कई वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि विकास कार्य सीमित विधानसभा क्षेत्रों तक सिमट गया है और फंड का असमान बंटवारा हो रहा है। नेताओं ने यह तक कह दिया कि शक्तियों का केंद्रीकरण हो गया है, मंत्रियों की सिफारिशों पर भी काम नहीं हो रहा, जबकि भाजपा नेता अपने काम आसानी से करवा रहे हैं, इससे कार्यकर्ताओं में निराशा है। इस पर रजनी पाटिल ने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि संगठन और सरकार मिलकर काम करें, क्योंकि डेढ़ साल बाद विधानसभा चुनाव हैं और पार्टी की छवि पर आंच नहीं आनी चाहिए।

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 नेताओं ने स्पष्ट कहा कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है, जिससे उनमें निराशा बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों में ही नहीं, अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भी पार्टी को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में जिला अध्यक्षों ने भी अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि ब्लॉक कार्यकारिणी के गठन में लगातार देरी हो रही है। बिना मजबूत टीम के संगठनात्मक काम करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने जल्द से जल्द ब्लॉक इकाइयों के गठन की मांग उठाई, जिससे जमीनी स्तर पर पार्टी को सक्रिय किया जा सके। पार्टी नेतृत्व ने असंतोष को दूर करने और संगठन में बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया, लेकिन बैठक में जिस तरह नेताओं ने खुलकर अपनी बात रखी, उससे साफ है कि कांग्रेस को चुनावों से पहले अंदरूनी चुनाैतियों  से निपटना होगा। 

मंत्रियों को स्वतंत्र काम करने का अवसर मिले, वर्करों की न हो अनदेखी : कौल
 प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी से असंतोष बढ़ सकता है, जिसका असर सरकार के कामकाज पर भी पड़ता है। मंत्रियों को भी स्वतंत्र रूप ले काम करने का अवसर मिलना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में वीरवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में कांग्रेस पदाधिकारियों और उनके परिजनों को बिना उचित कारण दूरदराज क्षेत्रों में स्थानांतरित किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इस मुद्दे को उन्होंने व्यक्तिगत रूप से उठाया और संबंधित विभाग को भी लिखा। उनका कहना है कि इस संबंध में उन्होंने शिक्षा मंत्री से बात की थी, जिन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन फाइल लंबे समय तक मुख्यमंत्री कार्यालय में लंबित रही। कहा कि अधिकारियों के स्तर पर भी कुछ गड़बड़ियां हो सकती हैं, जिससे वास्तविक सूची में बदलाव हुआ हो। उन्होंने कहा कि यह मामला उन्होंने पार्टी की बैठक में भी उठाया और इसे हल करने के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष रखने की बात कही।

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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी सार्वजनिक मंच का नहीं, बल्कि पार्टी की आंतरिक बैठक का था, जहां कार्यकर्ताओं की समस्याएं उठाना जरूरी होता है। उनका कहना था कि पार्टी कार्यकर्ता नाराज होंगे तो सरकार के कामकाज पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। मंत्रियों के कामकाज पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्त सभी मंत्री सक्षम और अनुभवी हैं, लेकिन उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर दिया जाना चाहिए। विशेष रूप से शिक्षा विभाग के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कुछ चीजें ठीक नहीं चल रही हैं और मुख्यमंत्री को इस पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी तक कई जिलों में जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियां लंबित हैं, जिससे पंचायत चुनावों की तैयारियों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी हाईकमान द्वारा नए अध्यक्ष की नियुक्ति और राजनीतिक समिति के गठन के बाद स्थिति में सुधार होगा। पंचायत चुनाव कांग्रेस के लिए सेमीफाइनल की तरह हैं और पार्टी इन्हें मजबूती से लड़कर जीत दर्ज करने की कोशिश करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही संगठनात्मक ढांचा पूरा कर लिया जाएगा और कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर पार्टी को मजबूत बनाया जाएगा।
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