इन बैठकों में उन्होंने जिला संगठन की मौजूदा स्थिति, संभावित टीम संरचना और कार्यकर्ताओं के योगदान से जुड़ी बिंदुवार फीडबैक ली। विश्राम गृह में पहले सहप्रभारियों के साथ प्रारंभिक बैठक की गई, जिसमें जिलाध्यक्ष चयन की प्रक्रिया और आगामी गतिविधियों पर चर्चा हुई। इसके बाद सभी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग बुलाकर उनके अनुभव, संगठन की ताकत-कमजोरियां और संभावित नामों पर राय प्राप्त की गई। पार्टी सूत्रों के अनुसार जिलाध्यक्ष पद के लिए तीन से छह नामों का पैनल तैयार कर हाईकमान को भेजा जाएगा। इस बार चयन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की राय को निर्णायक माना जा रहा है, क्योंकि यह उनका गृह जिला है।
शक्ति सिंह गोहिल 27 नवंबर तक हमीरपुर में ही रहेंगे। इस दौरान ब्लॉक स्तर पर भी बैठकें करेंगे, ताकि संगठनात्मक ढांचे को जमीनी स्तर पर समझा जा सके और कार्यकर्ताओं की व्यापक राय ली जा सके। इस दौरान उनके साथ अभियान के सहप्रभारी एवं मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान और जोगिंद्रनगर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे जीवन ठाकुर भी मौजूद रहे।
भाजपा में ऊपर से थोपे जाते हैं अध्यक्ष : गोहिल
परिधि गृह में प्रेसवार्ता में गोहिल ने कहा कि देश में विकास की बुनियाद कांग्रेस ने रखी है। हिमाचल में शिक्षा व बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का श्रेय भी कांग्रेस सरकारों को जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन में चुनाव पारदर्शिता और लोकतांत्रिक तरीके से होते हैं। भाजपा में अध्यक्ष ऊपर से थोपे जाते हैं। उन्होंने कहा कि संगठन सृजन अभियान को टैलेंट हंट के रूप में चलाया जा रहा है। इसमें सक्रिय, प्रतिबद्ध और सक्षम कार्यकर्ताओं को आगे लाने पर फोकस रखा गया है।