बैठक में स्टेट बिल्डिंग कोड लागू करने पर भी चर्चा होगी। सरकार नेशनल बिल्डिंग कोड के बजाय राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप अपना अलग कोड तैयार करना चाहती है। 13.79 किलोमीटर लंबे तारादेवी-शिमला रोपवे प्रोजेक्ट पर भी चर्चा होगी। इस परियोजना को शुरू करने के लिए सरकार ऋण मंजूरी पर निर्णय लेगी। यह परियोजना शिमला शहर के प्रमुख स्थानों को जोड़ते हुए ट्रैफिक दबाव कम करने में मददगार होगा। बैठक में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए भी कुछ निर्णायक फैसले होने की संभावना भी है।