मंत्रिमंडल ने आईजीएमसी शिमला, डॉ. राजेेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा के एमबीबीएस प्रशिक्षुओं और डेंटल कॉलेज शिमला के बीडीएस प्रशिक्षुओं का स्टाइपेंड यानी वजीफा 10,000 से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत नर्सों की मासिक आहार राशि 180 से बढ़ाकर 500 रुपये प्रति माह करने को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने विश्व बैंक से वित्तपोषित कोल डैम उठाऊ परियोजना का काम जल्दी शुरू करने का निर्णय लिया गया। आईपीएच में 28 वाहन खरीदने का निर्णय लिया।
मंत्रिमंडल ने बजट घोषणा के अनुरूप मुख्यमंत्री मधु विकास योजना के कार्यान्वयन के लिए दिशा-निर्देशों को मंजूरी प्रदान की। यह योजना बागवानी विभाग की ओर से प्रभावी ढंग से कार्यान्वित की जाएगी तथा व्यावसायिक
मधुमक्खी पालन में लगे लोगों के अलावा मधुमक्खी पालक, जो इसे अपनी आजीविका के साधन के रूप में अपनाने के इच्छुक हैं, उनको लाभान्वित करेगी।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र सिराज के जंजैहली में लोक निर्माण विभाग का नया मंडल सृजित करने तथा बगश्याड़ में लोक निर्माण विभाग का नया उप मंडल सृजित करने की मंजूरी दी। थुनाग में विभिन्न श्रेणियों के विभिन्न पदों के सृजन तथा दो अग्निशमन वाहनों की खरीद समेत अग्निशमन पोस्ट खोलने की स्वीकृति भी प्रदान की।
सरकार ने कांगड़ा जिले के रक्कड़ में विभिन्न श्रेणियों के विभिन्न पदों के सृजन सहित बी फार्मेसी कॉलेज खोलने का फैसला लिया है। इसके अलावा कांगड़ा जिले के नागनपत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने और इस स्वास्थ्य संस्थान के संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन का भी फैसला लिया गया।
इसके अलावा कांगड़ा जिले के पंचरूखी पुलिस स्टेशन से ग्राम पंचायत सपैडु़, ननाहर, नैण तथा राजहर को बाहर कर इन पंचायतों को पुलिस स्टेशन पालमपुर में सम्मिलित करने का निर्णय लिया गया। कांगड़ा और बिलासपुर जिला प्रशासन को नई गाड़ियों की खरीद को भी मंजूरी देने का फैसला लिया गया।
मंत्रिमंडल ने राज्य में मुख्यमंत्री लोक भवन योजना को लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत लोगों को विभिन्न सामाजिक कल्याण और सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन की सुविधा के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 30 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवनों का निर्माण किया जाएगा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सभी मंत्रियों से बीते दिनों विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित किए जनमंच कार्यक्रम की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश में कुल 4007 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमें से अधिकांश का निपटारा मौके पर ही किया गया।
कृषि विभाग में प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से अनुबंध आधार पर कृषि प्रसार अधिकारियों के 75 पद भरने का निर्णय लिया। कृृषि विभाग में आयोग के माध्यम से अनुबंध आधार पर कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के 40 पद भरने को मंजूरी दी।
बैठक में कांगड़ा जिले के पंचरूखी पुलिस स्टेशन से ग्राम पंचायत सपैडु़, ननाहर, नैण और राजहर को बाहर कर इन पंचायतों को पुलिस स्टेशन पालमपुर में शामिल करने का निर्णय लिया गया, जिससे
इन पंचायतों के लोगों को सुविधा मिलेगी। कैबिनेट ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में क्षेत्रीय स्तर पर विभाग की सुचारू कामकाज के लिए 28 वाहन खरीदने का निर्णय लिया।
हिमाचल में अब ऊर्जा संरक्षण भवन नियम पूरा करने वालों के ही नक्शे पास हो सकेंगे। जयराम सरकार ने प्रदेश ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता-2018 तथा हिमाचल प्रदेश ऊर्जा संरक्षण भवन नियम 2018 को अधिसूचित करने का निर्णय लिया गया।
बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के भवनों के निर्माण और ऊर्जा कुशल डिजाइन और निर्माण के लिए न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करने वालों को ही भवन निर्माण की मंजूरी देने का फैसला लिया गया।
यह संहिता 750 वर्ग मीटर या इससे अधिक के क्षेत्र में निर्मित भवनों या भवन परिसरों पर लागू होगी और इसे व्यवसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाएगा। निजी आवासीय भवन संहिता के दायरे में नहीं आएंगे।
जानकारी के मुताबिक 100 किलोवाट व उससे अधिक बिजली खपत करने वाले संस्थानों को ऊर्जा संरक्षण भवन नियम अपनाना होगा। ऊर्जा संरक्षण के अनुसार अधिक बिजली खपत वाले संस्थानों को अपने यहां सौर ऊर्जा के संसाधन अपनाने होंगे।
अन्यथा उन भवनों का नक्शा पास नहीं होगा। नगर निकाय ऐसे भवनों को अक्षय ऊर्जा विभाग की ओर से एनओसी जारी करने पर ही नक्शे पास करेगी।
ऊर्जा संरक्षण नियम में ऊर्जा संरक्षण भवन नियम उन सभी व्यावसायिक समूहों शापिंग मॉल, व्यवसायिक भवनों, होटल, रेस्तरां, समारोह स्थान, सिनेमाघर, सभागार, क्लब, गोष्ठी केंद्र, कार्यालय भवन, बैंक और अस्पताल जैसे भवनों में लागू किया जाना अनिवार्य
होगा, जिनकी बिजली खपत 100 किलोवाट या उससे अधिक है। ऊर्जा संरक्षण भवन नियम के तहत निर्मित भवनों में ऐसी तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा, जिससे कम से कम ऊर्जा की खपत हो। कैबिनेट ने राज्य विद्युत बोर्ड सीमित की उधार सीमा को 5000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7000 करोड़ रुपये करने का निर्णय लिया।
बजट घोषणा के अनुरूप मंत्रिमंडल ने मनरेगा के अंतर्गत दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 120 दिन करने पर अपनी सहमति जताई है। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।
कैबिनेट ने विश्व बैंक से वित्तपोषित कोल डैम उठाऊ परियोजना का काम जल्दी शुरू करने का निर्णय लिया गया। आईपीएच में 28 वाहन खरीदने का निर्णय लिया।