जुब्बल-कोटखाई से भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा (फाइल फोटो)
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जुब्बल-कोटखाई से भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा ने कहा कि वह वर्ष 2011 में एंटी हेलगन लाए थे, मगर यह राजनीति की भेंट चढ़ गई। उन्होंने मंगलवार को सदन में अमर उजाला में चार मार्च को छपी खबर ‘पहाड़ी फसलों को बचाएगी आईआईटी मुंबई में बनाई एंटी हेलगन पढ़ी’। बजट पर चर्चा में भाग लेते नरेंद्र बरागटा ने दो बार अमर उजाला में छपी खबरों को उल्लेख किया। उन्होंने एंटी हेलगन के बारे में अमर उजाला में छपी खबर के कई वाक्य सदन में पढ़े।
कहा कि देश में इस तकनीक को सबसे पहले हिमाचल में वर्ष 2011 के बाद लाया गया था। जहां पर ये गन लगी हैं, वहां ओलों से सेब की फसलें बच रही हैं। बरागटा ने जयराम सरकार के बजट पर छपी अमर उजाला की कुछ और खबरों का भी उल्लेख कि या। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में दी सौगात की डोज, इस हेडिंग से साफ है कि एक लाख लोगों का मानदेय बढ़ाया गया है। जयराम ने 30 हजार सरकारी नौकरियां दी हैं। यह एक कंप्लीमेंट है।
ये कतरन इसलिए दी गई है कि ये पूरे प्रदेश का पब्लिक ओपिनियन है। कर्ज तो कांग्रेस सरकार ने भी लिया है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री का कहना गलत है कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था में क्रैश होगा, पर असल में बजट में विकास की उड़ान है। मुख्य सचिव और उनकी टीम को भी वह अच्छा बजट निकालने के लिए वह बधाई देते हैं। महिला सशक्तीकरण और अन्य तमाम मामलों पर जोर दिया गया है। पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा बोले, वे मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि सेब उत्पादन विश्वविद्यालय जल्दी खोली जाए। इसे जिला शिमला में खोला जाए। अगर सीधे नहीं, तो सेटेलाइट यूनिवर्सिटी ही खोल दें। ठियोग बाईपास अपर शिमला का द्वार है। इसे जल्दी बनाएं।