एचपी बोर्ड की पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं एक बार फिर बोर्ड ले सकता है। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रदेश में शिक्षा के गिरते स्तर से चिंतित सीएम वीरभद्र सिंह ने शिक्षक दिवस के अवसर पर कहा कि परीक्षा रहित शिक्षा प्रणाली के कारण शिक्षा का स्तर गिर रहा है।
शिक्षा व्यवस्था में प्राथमिक व प्रारंभिक स्तर पर सुधार की जरूरत है और अध्यापकों को विद्यार्थियों की बेहतरी और अधिक जिम्मेवारी के साथ कार्य करना होगा। शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य के मद्देनजर 5वीं और 8वीं की परीक्षा फिर से बोर्ड के माध्यम से करने का मामला केंद्र को भेजा है।
बच्चों को जब फेल होने का डर ही नहीं होगा तो पढ़ाई को लेकर वे अपेक्षाकृत कम गंभीर होंगे। जिसके नतीजे सामने भी आ रहे हैं। यदि ये दोनों कक्षाएं बोर्ड की होंगी तो छात्र और कड़ी मेहनत करेंगे।
एचआरटीसी बसों में फ्री सुविधा
सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2013 से प्रदेश में सभी छात्र छात्राओं को एचआरटीसी की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मुहैया करवाई है। प्रदेश के सभी इलाकों में सरकारी बसों का नेटवर्क नहीं होने के कारण स्कूली बच्चे फ्री बस यात्रा सुविधा का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि बसों की खरीद कर दूरदराज के गांव में भी अतिरिक्त सेवाएं शुरू कर स्थानीय लोग लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के क्षेत्र में गंभीरता से कार्य करें।
इसके अलावा उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विज्ञान और कंप्यूटर आधारित शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों का काम घास काटना नहीं है कि काटे और आगे चल दिए।
आचरण आदर्श युक्त होना चाहिए : राज्यपाल
राज्यपाल उर्मिला सिंह ने कहा कि अध्यापन एक आदर्श और जिम्मेवारी का कार्य है। शिक्षकों का चरित्र, आचरण और विचार आदर्श युक्त होने चाहिए। क्योंकि इससे सीधे विद्यार्थी प्रभावित होते हैं।
अध्यापकों को अपने कर्तव्य का ईमानदारी तथा निष्ठा से निर्वहन करना चाहिए। अध्यापक न केवल विद्यार्थियों के लिये प्रेरणा स्रोत हैं, बल्कि एक आदर्श भी होते हैं और साथ ही राष्ट्र निर्माता भी होते हैं। इसके अलावा उन्होंने चरित्र निर्माण और स्वावलंबी शिक्षा पर भी जोर दिया।
उन्होंने राजभवन में उन शिक्षकों को भी सम्मानित किया जिन्होंने पिछले साल शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम किया था। राज्यपाल ने सभी शिक्षकों को बधाई दी और भविष्य में भी ऐसे ही मार्गदर्शन की अपील की।