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मजदूर की बेटी ने बताया पिता की बदौलत कैसे छुआ सफलता का आसमां

Fri, 30 Jun 2017 09:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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पिता के साथ अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्‍मान समारोह में पहुंची बुशरा
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एचपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली नाहन गर्ल्स स्कूल की बुशरा पिता के साथ अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्‍मान समारोह में पहुंची थी। बुशरा ने बताया कि पिता प्राइवेट कंपनी में लेबरर है, मगर वही 10वीं तक मैथ्स की पढ़ाई भी करवाते थे। मैंने कोई ट्यूशन नहीं लगाई और सेल्फ स्टडी से ही टॉप किया।
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पिता ने मुझे काफी कुछ सिखाया जिससे मुझे मेहनत करने की प्रेरणा मिली। सीएम के हाथों सम्मान पाने वाली बुशरा ने कहा कि पिता ने आर्थिक तंगी के बावजूद मुझे और मेरे तीन भाई बहनों की पढ़ाई में कभी रुकावट नहीं आने दी। मेरी सफलता के पीछे माता-पिता और शिक्षकों का हाथ है और मैं यूं ही आगे बढ़कर पिता का नाम रोशन करना चाहती हूं।

दूसरी बार सीएम के हाथों मिला सम्मान, कहा- थैंक्यू अमर उजाला

सीए के साथ सेल्‍फी लेते हुए अरुंधती
12वीं में 96 फीसदी अंक पाकर टॉप करने वाली शाहपुर की अरुंधती को भी सीएम वीरभद्र सिंह ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया। पिता राकेश कटोच के साथ समारोह में पहुंची अरुंधती ने बताया कि यह दूसरा मौका है जब अमर उजाला सम्मान समारोह में सीएम उन्हें सम्मानित कर रहे हैं।

इससे पहले 10वीं में 98.4 फीसदी अंक लेने पर भी उन्हें नवाजा गया था। अरुंधती सम्मान पाने के लिए मंगलवार शाम को ही दिल्ली से शिमला पहुंच गई थी। लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमन में अर्थशास्त्र विषय में दाखिला पाने वाली न्यू इरा स्कूल ऑफ साइंसेज छतरी की छात्रा रही अरुंधती ने बताया कि जब दसवीं में टॉप रहने पर अमर उजाला के समारोह में उन्हें सीएम ने मेडल पहनाया तो इससे उन्हें बहुत प्रेरणा मिली थी।

मेहनत जारी रखी और अब 12वीं में भी इस समारोह का हिस्सा बन रही हूं। सीएम ने उन्हें बोर्ड के सम्मान समारोह में भी सम्मानित किया था। अरुंधती ने कहा कि मुझे दूसरे छात्रों को यही कहना है कि वे पढ़ाई के लिए समय निकालें और ईमानदारी से स्टडी करे। अरुंधती के पिता राकेश कटोच ने भी अमर उजाला को थैंक्यू कहा।

साइंटिस्ट बनना चाहता है रितिक

विज्ञान संकाय का टॉपर रितिक कंदोरिया
राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की जमा दो कक्षा के विज्ञान संकाय का टॉपर रितिक कंदोरिया साइंटिस्ट बनना चाहता है। जिला कांगड़ा के सरकारी स्कूल रैहन के छात्र रहे रितिक का कहना है कि इंजीनियरिंग कर रिसर्च फील्ड में जाना है। साइंटिस्ट बनकर नए आविष्कार करने का लक्ष्य है।

रितिक कंदोरिया ने जमा दो कक्षा में 98.40 अंक अर्जित कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। रितिक के पिता रणवीर सिंह सरकारी स्कूल में हेडमास्टर के पद पर कार्यरत हैं। माता सरोज बाला लाइब्रेरियन हैं।

रितिक जेईईई मेन्स क्लीयर कर बीट्स प्लानी में पढ़ने जा रहे हैं। अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होकर रितिकउत्साहित है। रितिक का कहना है कि साल भर पढ़ाई करने से परीक्षा के समय स्ट्रेस नहीं होता है।

मार्क्स लाने से ज्यादा सीखने पर दें ध्यान- नेहा

नेहा आईएएस अफसर बनना चाहती है
जिला मंडी के द्रंग की नेहा ने जमा दो कक्षा के कला संकाय में 95.20 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रदेश में पहला स्थान पाया है। नेहा आईएएस अफसर बनना चाहती हैं। रोजाना तीन से चार घंटे पढ़ाई करने और परीक्षाओं के दौरान सात से आठ घंटे पढ़ाई कर नेहा ने टॉपर का मुकाम हासिल किया है।

नेहा ने कहा कि परिजनों ने हमेशा बेहतर करने के लिए प्रेरित किया है। अमर उजाला ने शिमला में बुलाकर सम्मान देकर जिम्मेवारी का एहसास करवाया है। बच्चों की हौसलाफजाई में अमर उजाला का बड़ा योगदान है।

तमन्ना के पिता हेम प्रभ प्राइवेट नौकरी करते हैं जबकि माता मीना देवी गृहणी हैं। नेहा ने मंडी कॉलेज में एडमिशन लिया है। नेहा का कहना है कि बच्चों को मार्क्स लाने से ज्यादा सीखने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

फैमिली बिजनेस को ऊंचाई पर पहुंचाऊंगी: फाल्गुनी

कामर्स संकाय में टॉप करने वाली फाल्गुनी
जमा दो के कामर्स संकाय में टॉप करने वाली फाल्गुनी अग्रवाल पिता के कारोबार को ऊंचाईयों पर पहुंचाना चाहती है। कॅरिअर अकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल नाहन में पढ़ते हुए फाल्गुनी ने 484 अंक अर्जित किए हैं। पिता बुद्धि बल्लभ अग्रवाल नाहन में हार्डवेयर का कारोबार करते हैं। माता श्वेता अग्रवाल गृहणी हैं। 

फाल्गुनी ने कहा कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री से सम्मानित होकर काफी खुश हूं। अमर उजाला ने मंच देकर प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाया है। फाल्गुनी ने बीकॉम में एडमिशन लिया है। 

इनका कहना है नियमित तौर पर गंभीर होकर अगर पढ़ाई की जाए तो कोई भी बच्चा टॉपर बन सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चे अगर अपने वीक प्वाइंट्स को स्ट्रांग कर लें तो उन्हें सफलता प्राप्त करने से कोई रोक नहीं सकता।
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दसवीं कक्षा की टॉपर ईशा चौहान
दसवीं कक्षा की टॉपर ईशा चौहान ने जमा दो कक्षा में दोबारा से स्टेट टॉपर बनने का वादा किया है। मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल घुमारवीं जिला बिलासपुर की छात्रा ईशा चौहान ने 99.14 प्रतिशत अंक लेकर दसवीं कक्षा में टॉप किया है। ईशा के पिता रणवीर सिंह फिजिक्स विषय के लेक्चर हैं जबकि माता अंजना कुमारी निजी स्कूल में अध्यापिका हैं। 

ईशा चौहान न्यूरोलॉजिस्ट बनना चाहती है। ईशा चौहान अमर उजाला द्वारा आयोजित मेधावी छात्र सम्मान में सम्मानित होकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि रोजाना चार से पांच घंटे की पढ़ाई कर उन्होंने यह मुकाम प्राप्त किया है। ईशा ने जमा एक कक्षा में मेडिकल और नॉन मेडिकल दोनों विषयों में एडमिशन लिया है।
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