पठानिया ने कहा कि पहली बार सभी प्रश्न ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। सत्र के दौरान नियम 62 के तहत 11 सूचनाएं, नियम 63 के तहत 4, नियम 101 में 7, नियम 130 में 16 और नियम 324 में एक सूचना सदस्यों से प्राप्त हुई है। इन्हें आगामी कार्रवाई के लिए सरकार को भेज दिया गया है।
सदस्यों से प्राप्त प्रश्नों और सूचनाओं में आपदा प्रबंधन, बाढ़, स्कूलों का विलय, हाल ही में हुई भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा से नुकसान, सरकार के आपदा रोकथाम के प्रयास, सड़क और पुल निर्माण, स्वीकृत सड़कों की डीपीआर, प्रदेश के महाविद्यालयों, स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों का उन्नयन, विभागों में रिक्त पदों की पदपूर्ति, पर्यटन, उद्यान, पेयजल आपूर्ति, युवाओं में बढ़ते नशे की रोकथाम, आपराधिक मामलों और परिवहन व्यवस्था शामिल है। इसके अतिरिक्त सदस्य अपने निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित मुख्य मुद्दों को भी उठाएंगे।
पठानिया ने बताया कि सत्र सही तरीके से चले, इसके लिए उन्होंने बुधवार को दोनों दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई है। इसमें संसदीय कार्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, उप मुख्य सचेतक हिमाचल सरकार और भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक शामिल होंगे। उन्होंने सत्ता और प्रतिपक्ष से अनुरोध किया कि सत्र के संचालन में रचनात्मक सहयोग दें, ताकि समय का सदुपयोग जनहित और सार्थक चर्चा के लिए हो।