फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

HP Assembly Winter Session: पठानिया, बाली ने उठाया ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण का मामला, जानें सबकुछ

Mon, 01 Dec 2025 06:36 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन (धर्मशाला)।

सार

विधानसभा के शीत सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही सोमवार दोपहर 2:00 बजे हल्के गतिरोध के बाद निर्बाध शुरू हुई। 
विज्ञापन
हिमाचल विधानसभा तपोवन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीत सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही सोमवार दोपहर 2:00 बजे हल्के गतिरोध के बाद निर्बाध शुरू हुई। हालांकि, प्रश्नकाल की घोषणा के साथ ही नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर खड़े होकर किसी विषय पर बात रखने को प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से अनुमति मांगते रहे। इस पर स्पीकर पठानिया ने उन्हें प्रश्नकाल के बाद समय देने की बात की। जयराम ठाकुर बार-बार बोलने का मौका देने की बात दोहराते रहे।  विधानसभा अध्यक्ष ने सुलह के भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार को अपना प्रश्न उठाने को कहा। इस पर नेता प्रतिपक्ष मान गए। इसके बाद प्रश्नकाल में परमार ने पंचायतों को जारी किए जा रहे फंड से संबंधित मामला उठाया।  पंचायतों से फंड वापस उठाने समेत अन्य विषयों पर विपक्ष ने सरकार को निशाने पर लिया। जयराम ठाकुर ने भी अपने अनुपूरक प्रश्न में कहा कि विधायक क्षेत्र विकास निधि या उप योजना का बजट भी वापस लिया गया।

विज्ञापन

 


 आठ दिन का यह सत्र 26 नवंबर को शुरू हुआ है, जो 5 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। शनिवार और रविवार को दो दिन के अवकाश के बाद शुरू हुई राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र की इस कार्यवाही के काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। सोमवार को सदन में हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों की भर्ती एवं सेवा की शर्तें संशोधन विधेयक 2025 और भू संपदा विनियमन एवं विकास हिमाचल प्रदेश संशोधन विधेयक 2025 सदन के पटल पर रखे जाएंगे।

पहला विधेयक मुख्यमंत्री सुक्खू और दूसरा नगर एवं ग्राम योजना मंत्री राजेश धर्माणी विधानसभा में रखेंगे। इन्हें आगामी दिनों में पारित किया जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी के बाद कानून बने हिमाचल प्रदेश लोक परीक्षा विधेयक 2025 को भी सदन के पटल पर रखा जाएगा।

पठानिया, बाली ने उठाया ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण का मामला
सोमवार को सदन में शून्यकाल के दौरान विधायक केवल सिंह पठानिया और रघुवीर सिंह बाली ने शिक्षण संस्थानों में ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण लागू करने का मामला उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बारे में कानूनी पहलुओं पर अध्ययन करने के बाद ही विचार किया जाएगा। पठानिया ने पूछा कि वर्तमान सरकार का ओबीसी पर क्या रुख है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा, ऊना, पांवटा जैसे क्षेत्रों में ओबीसी की संख्या बहुत अधिक है। ओबीसी को मेडिकल शिक्षा में 27 प्रतिशत का आरक्षण मिलना चाहिए।

बाली ने भी कहा कि यह विषय बहुत ही गंभीर है और लोगों के सामाजिक न्याय से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में 2006 में ओबीसी आरक्षण को पूरी तरह से लागू कर दिया है। तकनीकी शिक्षा से संबंधित और कुछ अन्य संस्थानों में ओबीसी में 18 प्रतिशत तक आरक्षण दिया जा रहा है। कई संस्थानों में इसके लिए एकरूपता नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी संस्थाओं में एकरूपता होनी चाहिए। पहले संस्थानों में 18 प्रतिशत तक की ओबीसी आरक्षण व्यवस्था को ठीक से लागू किया जाना चाहिए। सभी संस्थानों में इसे ठीक से लागू करने की जरूरत है। उसके बाद संविधान के 93वें संशोधन के अनुरूप इसे 27 प्रतिशत करने की आवश्यकता है।

जयराम ने राधे-राधे कहकर किया सीएम, विस अध्यक्ष का अभिवादन
नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने सोमवार दोपहर बाद विधानसभा कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री सुक्खू और विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया का राधे-राधे कहकर अभिवादन किया। जवाब में मुख्यमंत्री ने भी राधे-राधे कहते हुए कहा कि आप लोगों ने पूरा वीडियो नहीं चलाया। आगे के शाॅट काट दिए। इसको लेकर सदन में खूब ठहाके लगे। बता दें कि शुक्रवार सुबह धर्मशाला में सैर करते हुए मुख्यमंत्री को कुछ बच्चों ने राधे-राधे कहा था। इस पर मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा था कि राधे-राधे क्यों बोलते हैं। मुख्यमंत्री और बच्चों की इस बात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। भाजपा ने इसे सनातन धर्म का अपमान बताते हुए मुख्यमंत्री को घेरा। जिस पर मुख्यमंत्री ने सोमवार को स्पष्ट किया कि सिर्फ आरोप लगाने के लिए उनका आधा वीडियो भाजपा ने सोशल मीडिया पर वायरल किया। 

बर्फ हटाने में लगेंगी 628 मशीनरियां,मल्टी टास्क वर्कर रहेंगे तैनात
बर्फीले इलाकों में सड़क सुविधा को सुचारू करने के लिए लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत 628 मशीनरियां और 8453 बेलदार, मल्टी टास्क वर्कर लगेंगे। इसके अलावा 1353 अधिकारियों और कर्मचारियों भी इस दौरान मौके पर उपलब्ध करेंगे। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने यह जानकारी भाजपा विधायक हंसराज की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि चंबा में लोक निर्माण विभाग ने सड़को को बहाल करने के लिए पर्याप्त साधन उपलब्ध कराए हैं। इस जिले में 113 मशीनरियां और 1304 बेलदार, मल्टी टास्क वर्कर उपलब्ध रहेंगे। 
विज्ञापन

सरकारी कर्मियों के भर्ती नियमों को अधिसूचित करने में नहीं होगी देरी
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को सरकारी कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तें अधिनियम 2024 में महत्वपूर्ण संशोधन का प्रस्ताव रखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारियों की भर्ती और सेवा की शर्तें संशोधन विधेयक-2025 विधानसभा में पेश किया। संशोधन विधेयक में मूल अधिनियम की धारा 10(1) में मौजूद ''पूर्व प्रकाशन के बाद'' शब्दों को हटाने का प्रावधान किया गया है। वर्तमान व्यवस्था के तहत नियमों को जारी करने से पहले उनका पूर्व प्रकाशन अनिवार्य था, जिससे नियमों के निर्माण और संशोधन में विलंब हो रहा था। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार विभिन्न विभागों में भर्ती एवं सेवा शर्तों से जुड़े नियमों को समयबद्ध तरीके से अधिसूचित करने में यह बाध्यता एक बड़ी रुकावट के रूप में सामने आ रही थी। संशोधन के बाद नियम बनाने की प्रक्रिया तेज होगी और प्रशासनिक दक्षता में सुधार आएगा।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें