मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल पुलिस किसी भी विधायक की जासूसी नहीं करवा रही है। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर को सनसनी फैलाने की आदत पड़ गई है। प्रदेश सरकार नेता प्रतिपक्ष की ड्रोन से जासूसी नहीं करा रही है। यह जांच का विषय है कि कहीं ईडी या सीबीआई तो नहीं करा रही। नेता प्रतिपक्ष के घर के ऊपर ड्रोन उड़ना व खिड़कियों के पास आना गंभीर विषय है। इसकी जांच कराएंगे। ईडी और सीबीआई को पत्र भी लिखेंगे। पुलिस का कोई अधिकारी इसमें सम्मिलित नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को आपा नहीं खोना चाहिये। वह संयम रखें।
शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेता विपक्ष ने प्वाइंट ऑफ आर्डर के तहत मामला उठाते हुए कहा कि उनके सरकारी आवास की ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
शुक्रवार सुबह चार बार उनके घर पर ड्रोन घूमता रहा और दरवाजे तथा खिड़कियों तक पहुंच गया। जयराम ने कहा कि जब मालूम किया तो पता चला कि यह एसपी के आवास से संचालित हो रहा था। उन्होंने इस पर एतराज जताते हुए गंभीर मामला बताया। उन्होंने जानना चाहा कि यह कौन सा तरीका है कि किसी के घर की खिड़की तक निगरानी हो और कौन वहां आ जा रहा है, किसकी कार खड़ी है, यह पता लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भी उनके घर के पास सादी वर्दी में लोग खड़े कर निगरानी रखी जा रही थी। उन्होंने कहा कि फोन भी टैप हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी अपनी सीमाएं लांघ रहे हैं और यह सही नहीं है। यह व्यक्ति के परिवार की निजता का हनन है और इसे सहन नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि अधिकारी अपनी सीमाओं में रहकर काम करें। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे। प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्वाइंट आफ आर्डर के तहत इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह केंद्रीय एजेंसियों से पत्र लिखकर पूछेंगे और जानकारी लेंगे और इसकी भी जांच करवाएंगे। मुख्यमंत्री के इस बयान पर विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जासूसी पर विश्वास नहीं रखती।
सरकार नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा के प्रति चिंतित है, आपको सुरक्षा देनी होगी तो पुलिस की देंगे, ड्रोन से नहीं। उन्होंने कहा कि ड्रोन से कोई जासूसी नहीं की जा रही। न ही कोई अधिकारी फोन टैप कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई अधिकारी इसमें संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर कहा कि मुख्यमंत्री गैरजिम्मेदार बयान दे रहे हैं। मामले का मजाक बना दिया है। उन्होंने पुलिस पर भाजपा विधायकों को 8-8 घंटे थाने में बिठाने का आरोप लगाया और वापस जाने पर आधे रास्ते से दोबारा बुलाने की बात भी कही।
यह निजता के अधिकार का भी हनन: जयराम
विधानसभा परिसर में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आज जब वह विधानसभा आ रहे थे तब भी ड्रोन आंगन में घूम रहा था। गाड़ियां कहां खड़ी हैं, काैन आया उनका भी ड्रोन से सर्वे हो रहा है। कानून व्यस्था की धज्जियां उड़ रही हैं, उस पर सरकार का ध्यान नहीं है लेकिन विपक्ष के लोगों के फोन सर्विलेंस पर हैं और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। यह निजता के अधिकार का भी हनन है और यह बहुत ओछी हरकत है। सीएम को इसका जवाब देना चाहिए। कहा कि ये घटना सिर्फ आज की नहीं है, हमने पहले भी कई बार इसे (ड्रोन) देखा है। आज जब ड्रोन देखा गया तो हमने विधानसभा में अपनी बात कहना उचित समझा लेकिन जिस गैर-जिम्मेदाराना तरीके से मुख्यमंत्री ने जवाब दिया वो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारा मानना है कि सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और ड्रोन का इस्तेमाल जानबूझकर निगरानी के लिए किया जा रहा है। जब वो बार-बार इस मुद्दे को हल्के में ले रहे थे तो हमने इस मुद्दे पर सदन से वाकआउट कर दिया। वो हमारे मुद्दों पर कोई जवाब नहीं देते।
जीआई मैपिंग सर्वे के लिए पूरे शिमला में उड़ रहा ड्रोन: सुक्खू
विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बयान पर कहा- हमने कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए हैं, जो ड्रोन उड़ाया जा रहा है वह जीआई मैपिंग सर्वे के लिए पूरे शिमला में उड़ रहा है, हम उनकी जासूसी क्यों करेंगे, वे पूर्व मुख्यमंत्री हैं। फिर भी अगर उन्होंने ये कहा है तो मैं पता लगाऊंगा। लेकिन हर छोटे मुद्दे पर सनसनी फैलाना और सदन से वाकआउट करना ठीक नहीं है। भाजपा को मुद्दों पर बात करनी चाहिए, वे मुद्दों पर बात नहीं करते और वाकआउट करते हैं।