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HP Assembly Session: शराब दुकानों के आवंटन पर हंगामा, न्यायिक जांच मांगते हुए विपक्ष ने किया वाकआउट

Thu, 29 Aug 2024 06:42 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

 प्रदेश में शराब दुकानों के आवंटन को लेकर गुरुवार को विधानसभा सदन में खूब हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने मामले की न्यायिक जांच मांगते हुए सदन से वाकआउट कर दिया। 
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नारेबाजी के साथ विपक्ष ने किया वाकआउट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में शराब दुकानों के आवंटन को लेकर गुरुवार को विधानसभा सदन में खूब हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने मामले की न्यायिक जांच मांगते हुए सदन से वाकआउट कर दिया। भाजपा ने एक साल में 100 करोड़ रुपये का राजस्व कम होने का हवाला देते हुए शराब घोटाले का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पलटवार करते हुए भाजपा के पांच साल में 665 करोड़ और हमारे एक साल में 485 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की बात कहते हुए आरोपों को नकारा। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर राजनीतिक रोटियां सेंकने का आरोप लगाते हुए पूर्व सरकार की शराब दुकानों का नवीनीकरण करने योजना पर भी सवाल उठाए। कहा कि भाजपा विधायक इस मामले को लेकर उन्हें लिखकर देंगे तो जांच के बारे में विचार किया जाएगा।

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प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने बीते वर्ष के रिजर्व प्राइज का जिक्र कर टेंडर आवंटन में मिलीभगत का आरोप लगाया। रणधीर ने कहा कि प्रदेश में आबकारी नीति को बदलकर शराब घोटाला किया गया है। पांच आबकारी जिलों शिमला, कांगड़ा, नूरपुर, चंबा और ऊना में रिजर्व प्राइज से कम बोली लगाई गई। सिरमौर, बिलासपुर, मंडी में रिजर्व प्राइज के बराबर बोली हुई। नए यूनिट्स का गठन शराब के ठेकेदारों को लाभ देने के लिए किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि सरकारी संरक्षण में घोटाला किया गया है।


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उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 की तुलना की जाए तो करीब 100 करोड़ रुपये का राजस्व कम प्राप्त हुआ है। शराब की दुकानों में तय मूल्य से अधिक दाम पर शराब बेची जा रही है। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने शराब की दुकानों का आवंटन 2023-24 और 2024-25 में नीलामी की प्रक्रिया के माध्यम से किया। शराब दुकानों में मूल्य से अधिक दाम वसूलने के मामले में जुर्माना लगाने का सख्त प्रावधान किया गया है। पहले यह जुर्माना पांच से 25 हजार रुपये तक था। अब 25 हजार से एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। चार बार से अधिक जुर्माना लगने पर लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान किया गया है। 2023-24 में 17.15 लाख रुपये और इस वर्ष 31 जुलाई तक 15.21 लाख रुपये का जुर्माना किया गया है।

जयराम दें जवाब, पांच साल में राजस्व कम क्यों आया
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब दुकानों की नीलामी और निविदा प्रक्रिया से वर्ष 2023-24 में 485.18 कराेड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। इस वर्ष भी अच्छा राजस्व प्राप्त होगा। भाजपा सरकार के पिछले पांच साल में 665.42 करोड़ रुपये का राजस्व आया। भाजपा सरकार के समय राजस्व कम क्यों आया, इसका जवाब पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक रणधीर शर्मा को इस मामले में जिसने भी ज्ञान दिया, उसने कुछ ज्ञान छिपा भी लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार की नीतियों के चलते प्रदेश को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। ऐसा क्यों हुआ, इसका जवाब पूर्व सरकार के आबकारी मंत्री को देना चाहिए।
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शराब के ठेकों पर घोटाला तो भाजपा के वक्त में हुआ : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा परिसर में कहा कि विपक्ष के नेता ने प्रश्न किया और वे खुद ही फंस गए। पांच बरस में भाजपा की सरकार ने केवल 665 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया और वर्तमान सरकार ने एक साल में 485 करोड़ रुपये सरकार की ट्रेजरी में लाया। ऐसे में घोटाला तो भाजपा के वक्त में हुआ। भाजपा के जो बोल रहे हैं, चार-पांच ठेकों की बात कर रहे हैं। वह पारदर्शी तरीके से होता है। उसमें बोली होती है। कई बार ठेका ज्यादा आता है। कई बार कम आता है। रिजर्व प्राइस 10 प्रतिशत इस बोली से बढ़ाकर रखा। कई बार राजनीति भी होती है। पिछली बार के आबकारी मंत्री को इसका जवाब देना चाहिए। इस साल भी डेढ़ सौ करोड़ रुपये कमा रहे हैं। इसमें 116 करोड़ रुपये मिल्कसेस के हैं। 
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