कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को लेकर विपक्ष ने किया वाकआउट
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हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) जारी नहीं होने पर वीरवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने कांग्रेस सरकार पर गलत जानकारी देने और वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए पहले वेल में जाकर नारेबाजी की, फिर सदन से वाकआउट कर दिया। महंगाई भत्ते को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक होते ही भुगतान कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाल करने पर केंद्र ने 4,800 करोड़ रुपये की ग्रांट रोक दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ओपीएस देने के चलते अतिरिक्त कर्ज नहीं मिलेगा। उन्होंने एनपीएस या यूपीएस को लागू करने की बात कही है। सीएम ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय का सात फीसदी डीए कांग्रेस सरकार ने दिया। चुनावों से छह महीने पहले भाजपा सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू कर दिया, लेकिन 10 हजार करोड़ का एरियर पेंडिंग रखा। उस समय राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) के रूप में 10 या 11 हजार करोड़ रुपये मिलते थे।
इस साल हमें आरडीजी के रूप में सिर्फ 3,200 करोड़ रुपये मिले हैं। 8,000 करोड़ अभी मिलने शेष हैं। भाजपा को तीन साल में 11 हजार, 10 हजार और फिर 11 हजार करोड़ मिले। इसके बावजूद इन्होंने कर्मचारियों का एरियर नहीं दिया। कांग्रेस सरकार ने सभी वर्गों का सम्मान करते हुए पहले 75 साल से ऊपर के सभी पेंशनरों को एरियर दिया, उसके बाद 70 से 75 साल के पेंशनरों को दे रहे हैं। वित्त वर्ष का बजट 31 मार्च 2026 को समाप्त होगा। डीए के बारे में जो बोला है, वह हम देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि डीए देना सरकार का दायित्व है, लेकिन वर्तमान में प्रदेश की माली हालत ऐसी नहीं है कि इसे तत्काल प्रभाव से दिया जा सके।
मुख्यमंत्री के जवाब पर विपक्ष ने आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर, विधायक सतपाल सिंह सत्ती और विधायक विक्रम ठाकुर ने सरकार पर निशाना साधा। विधायक सत्ती ने सवाल पूछा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए जुलाई 2023 से जनवरी 2024 तक तीन किस्तों में कुल 11 फीसदी महंगाई भत्ता लंबित है। लंबित डीए कब तक जारी किया जाएगा। विधायक बिक्रम ठाकुर ने मई में डीए जारी करने के वादे को लेकर सवाल किया।
कर्मचारी हमसे नाराज थे, तभी दिया कांग्रेस का साथ : जयराम
नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हमारी सरकार से कर्मचारी नाराज थे। हमने उनके लिए बहुत कुछ किया लेकिन पुरानी पेंशन बहाल नहीं कर सके। कांग्रेस ने ओपीएस देने की बात कही और कर्मचारियों ने उसका साथ दिया। अब ओपीएस देने का वादा करने वाली सरकार महंगाई भत्ता भी जारी नहीं कर रही है। सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह कर्मचारियों की मांगें पूरी करे। जयराम ठाकुर ने कहा कि सदन में घोषणा करने के बाद भी मुख्यमंत्री ने डीए जारी नहीं किया है। यह प्रिविलेज का मामला बनता है।