इंद्रदत्त लखनपाल ने लगाया जीत का चौका
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पाला बदलने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी इंद्रदत्त लखनपाल ने जीत का चौका लगाया है। यहां कांग्रेस जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने में चूक गई। एक वोट सीएम और एक वोट पीएम के नारे का यहां पर खेल देखने को मिला है। बड़सर में फिर विपक्षी विधायक को जनादेश मिला है। बीते चुनावों के मुकाबले इंद्रदत्त लखनपाल की वोट प्रतिशतता भी बढ़ी है। बीते विस चुनावों में उन्होंने 30,293 मत हासिल किए थे लेकिन उपुचनाव में 33,086 मत लेकर 2,125 वोट के अंतर से जीत दर्ज की। यहां कुछ हद तक भाजपा के अंदरूनी भितरघात के बावजूद लखनपाल को व्यक्तिगत संपर्क के बूते जीत मिली है।
चार दशक के बाद यहां राजपूत चेहरे पर किसी भी राष्ट्रीय दल ने भरोसा जताया था लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया। इस क्षेत्र से ब्राह्मण नेता ही विधानसभा की दहलीज पार करते रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस ने राजपूत चेहरे सुभाष चंद ढटवालिया को चुनावी मैदान में उतार कर कदम तो उठाया, लेकिन सफल नहीं हुए। यहां पर प्रत्याशी के चयन में देरी भी कांग्रेस की हार की एक वजह बना है। इस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का प्रचार मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू के इर्द गिर्द ही सिमट कर रह गया था जबकि प्रत्याशी सुभाष चंद गांव देहात को पूरी तरह से नहीं छू सके। तप्पा ढटवाल क्षेत्र से सुभाष तीन राउंड में लीड हासिल कर सके। बाकी में भाजपा प्रत्याशी लखनपाल को लीड मिली है।