मैदानी इलाकों में तेज गर्मी से राहत पाने के लिए हिल्सक्वीन पहुंच रहे सैलानियों को होटल कारोबारी जमकर चूना लगा रहे हैं। होटलों में सैलानियों को मनमाने किराये पर कमरे उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। हिल्सक्वीन में टूरिस्ट सीजन पीक पर है।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) समेत शहर के निजी होटलों में कमरे एडवांस बुकिंग में चल रहे हैं। वीकएंड पर शहर के होटलों में तिल धरने की भी जगह नहीं। ऐसे में शहर के कुछ होटल कारोबारी मौके को भुनाने में जुटे हैं।
वीकएंड पर सैलानियों को होटलों में कमरे लेने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। सैलानियों को एक रात के लिए कमरा देने को होटल कारोबारी तैयार नहीं हैं। कम से कम तीन दिन की एडवांस बुकिंग पर ही कमरे दिए जा रहे हैं।
इतना ही नहीं, कमरे के साथ लोकल साइटसीन के लिए होटल की ही टैक्सी लेने का दबाव डाला जा रहा है। अन्य होटलों में भी कमरे न मिलने की स्थिति में सैलानियों को मजबूरन होटल संचालकों के हाथों लुटना पड़ रहा है।
पहले 2000, बाद में 2800 मांगा किराया
बस स्टैंड के पास एक होटल में कमरे की बुकिंग के लिए जब फोन पर बात की गई तो कमरे का किराया दो हजार रुपये बताया गया। सामान लेकर होटल पहुंचे तो 2800 रुपये किराया मांगा।
- अक्षय खन्ना, दिल्ली
होटल की टैक्सी लेने को बना रहे दबाव
कम से कम तीन दिन के लिए बुकिंग करने पर ही होटल वाले कमरा दे रहे हैं। साथ ही यह भी शर्त लगा दी है कि साइटसीन के लिए टैक्सी भी होटल की ही लेनी पड़ेगी।
- विशेष कुमार, दिल्ली
पर्यटन कारोबार के लिए ये नुकसानदेह
सैलानियों के साथ धोखाधड़ी पर्यटन कारोबार के लिए नुकसानदेह है। एक बार तो टूरिस्ट को ठगा जा सकता है लेकिन ठगी का शिकार होने के बाद टूरिस्ट दोबारा ऐसी जगह नहीं आता। सैलानियों के साथ अगर कोई धोखाधड़ी की कोशिश करे तो इसकी शिकायत पर्यटन विभाग से करें।
- हरनाम सिंह कुकरेजा, अध्यक्ष, होटलियर एसोसिएशन शिमला
सैलानियों पर दबाव बनाना गलत
सैलानियों पर होटल के कमरों या टैक्सी को लेकर किसी भी तरह का दबाव बनाना सरासर गलत है। पर्यटन विभाग की ओर से होटलों का निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। होटल संचालक यदि किसी भी तरह की जबरदस्ती करते हैं तो सैलानी पर्यटन विभाग से शिकायत कर सकते हैं, तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेंद्र जस्टा, उप निदेशक, पर्यटन विभाग