उन्होंने कहा कि नींबू प्रजाति के लुप्त हो रहे फलों की नर्सरियां विशेष रूप से तैयार कर किसानों को पौधे उपलब्ध करवाएं। महेंद्र सिंह ने कहा कि वह प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र को हरा-भरा देखना चाहते हैं और इसके लिए एक मास्टर प्लान तैयार करने के लिए उन्होंने वैज्ञानिकों से सहयोग करने को कहा है।
विभाग का इस दिशा में स्पष्ट मिशन होना चाहिए। उन्होंने विभाग को नई सोच के साथ 100 दिनों के लिए लक्ष्य निर्धारित कर इसे हासिल करने के लिए इस पर कार्य करने को कहा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुष्प उत्पादन के लिए भी विपणन की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए। बैठक में उद्यान विभाग, एचपीएमसी, डा. वाईएस परमार वाणिकी एवं बागवानी विश्वविद्यालय नौणी के अधिकारी व वैज्ञानिक उपस्थित थे।
उद्यान विभाग के निदेशक डा. एमएस राणा ने बताया कि प्रदेश में कुल 568 पंजीकृत नर्सरियां हैं। विभाग इस वित्त वर्ष के दौरान विभिन्न प्रजातियों के लगभग नौ लाख पौधे बागवानों को उपलब्ध करवाएगा, जिसमें से अभी तक 4.51 लाख पौधे वितरित किए जा चुके हैं। लगभग 20 लाख पौधे निजी नर्सरियों के माध्यम से उपलब्ध करवाए जाएंगे।
इस वित्त वर्ष का कारोबार 64 करोड़ रुपये पहुंचेगा : एमडी
हिमाचल प्रदेश विपणन समिति (एचपीएमसी) के प्रबंध निदेशक दिनेश मल्होत्रा ने बताया कि एचपीएमसी का इस वित्त वर्ष का कारोबार 64 करोड़ रुपये होने की संभावना है।