हिमाचल में पर्यटक वाहनों पर लगाए गए दोहरे टैक्स की मार पर्यटन उद्योग पर पड़नी शुरू हो गई है। दिवाली की छुट्टियों से लेकर क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए शिमला, मनाली, धर्मशाला सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर की गई कमरों की एडवांस बुकिंग सैलानी रद्द करवा रहे हैं। हिमाचल के स्थान पर सैलानी उत्तराखंड और कश्मीर को तरजीह दे रहे हैं। ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ पैन इंडिया के मुताबिक देशभर के लाखों पर्यटक हिमाचल की बुकिंग रद्द करवाकर कश्मीर और उत्तराखंड का रुख कर रहे हैं।
दरअसल हिमाचल सरकार ने बाहरी राज्यों के ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाहनों पर दोहरा टैक्स लगा दिया है। टैंपो ट्रेवलर पर एक दिन का 3 से 6 हजार तक अतिरिक्त टैक्स लग रहा है। दुर्गा पूजा टूरिस्ट सीजन पर भी दोहरे टैक्स की मार पड़ी है। 15 अक्तूबर के बाद बंगाल से सामान्य के मुकाबले महज 20 फीसदी सैलानियों ने ही हिमाचल का रुख किया है। 5 नवंबर से शुरू होने वाले दिवाली और विंटर टूरिस्ट सीजन के लिए गुजरात और महाराष्ट्र के ट्रेवल एजेंट बुकिंग रद्द करवा रहे हैं।
शिमला ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन पॉल ने बताया कि बिना सोचे समझे बाहरी राज्यों के टूरिस्ट वाहनों पर दोहरे टैक्स का बोझ डाला गया है, जिससे हिमाचल में पर्यटन कारोबार बर्बाद हो गया है। 20 दिनों से सरकार से टैक्स वापस लेेने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। दुर्गा पूजा सीजन बुरी तरह पिटने के बाद अब गुजरात और महाराष्ट्र के टूरिस्ट भी बुकिंग रद्द करवाकर कश्मीर और उत्तराखंड जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू इस मामले में पर्यटन कारोबारियों को टैक्स कम करने का आश्वासन दे चुके हैं। उप मुख्यमंत्री ने भी इस मामले को लेकर बैठक बुलाई है।
हिमाचल के लिए बुकिंग पूरी तरह बंद
गुजरात से हिमाचल के लिए बुकिंग पूरी तरह बंद हो गई है। डबल टैक्स से ट्रांसर्पोटेशन का खर्चा दोगुना हो गया है। हिमाचल की जगह लोग उत्तराखंड जाना पसंद कर रहे हैं। 20 फीसदी तक टूरिस्ट हिमाचल से उत्तराखंड डायवर्ट हो गए हैं। सरकार टैक्स वापस लेती है तो नई बुकिंग हिमाचल के लिए लेने की कोशिश करेंगे।
- विनेश शाह, अध्यक्ष, ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ पेन इंडिया