लोग हिमुडा के आवास और प्लॉटों से मुंह मोड़ने लगे हैं। 12295 लोगों ने हिमुडा से अपनी सिक्योरिटी वापस ले ली है। इसका कारण समय पर प्लॉट और फ्लैट न देना है। डिमांड ऑफ सर्वे के तहत हिमुडा के पास 72848 हजार लोगों ने हिमुडा से प्लॉट और फ्लैट के लिए आवेदन किया था। नौ साल से लोग आशियाने की राह देख रहे हैं। शिमला के जाठियादेवी में कॉलोनियां बनाने का मामला ठंडे बस्ते में पड़ने के बाद अब लोगों का हिमुडा से प्लॉट और फ्लैट लेने से मोह भंग हो गया है।
हिमुडा ने आवेदकों को साफ कहा है कि जगह न मिलने से लोगों की डिमांड पूरी नहीं की जा सकती है। हिमुडा के पास सिर्फ सोलन, धर्मपुर, ठियोग, नाहन, मंडी धर्मशाला, शिमला और पांवटा में ही जमीनें हैं। इन क्षेत्रों में भी सिर्फ उन्हीं लोगों को प्लॉट और फ्लैट मिलेंगे, जिन्होंने आवेदन किया होगा। वर्ष 2010-11 में हिमुडा ने प्लॉट और फ्लैट देने के लिए आवेदन मांगे थे। हिमुडा के पास करीब 32 करोड़ रुपये एकत्र हुए थे।