छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में हिमाचल के मंडी जिले के नेरचौक निवासी सुरेंद्र कुमार (33) भी शहीद हुए हैं। सीआरपीएफ 74 बटालियन में तैनात सुरेंद्र डेढ़ माह की छुट्टी काटकर दस अप्रैल को ही लौटे थे।
सुरेंद्र कुमार अपने पीछे पत्नी किरण, दो साल की बेटी एलीना और माता विमला ठाकुर को पीछे छोड़ गए हैं। सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर छा गई है। वर्ष 2003 में भर्ती हुए सुरेंद्र कुमार कुछ माह पहले मौत को मात दे चुके थे।
उस दौरान हुए हमले में उनका एक साथी शहीद हो गया था जबकि वे बाल-बाल बच गए थे। इसका जिक्र उन्होंने छुट्टी के दौरान अपने परिजनों से किया था।