कानपुर ट्रेन हादसे में मारे गए हिमाचल के जिला मंडी के भरनाल पंचायत के कोलनी गांव के लेफ्टिनेंट नरेंद्र कुमार (23) का शव बुधवार सुबह घर पहुंचते ही मातम छा गया। परिजनों के साथ पूरा गांव शोक में डूब गया। वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें छलक पड़ीं।
श्मशानघाट में सैन्य सम्मान के साथ लेफ्टिनेंट नरेंद्र का दाह संस्कार किया गया। जिसमें सेना, प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा पूर्व मंत्री एवं मुख्यमंत्री के राजनीति सलाहकार रंगीला राम राव, विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने नरेंद्र को श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान सेना के जवानों ने हवाई फायरिंग कर सलामी दी। वीरवार सुबह करीब आठ बजे सेना के वाहन से लेफ्टिनेंट नरेंद्र कुमार का पार्थिव शव कोलनी गांव में पहुंचा। घर में तिरंगे में लिपटा शव आते ही परिजनों की बिलखने से माहौल गमगीन हो गया।
परिजनों ने आखिरी बार किए बेटे के दर्शन
गम में सुधबुध खोए परिजनों ने बेटे नरेंद्र कुमार के अंतिम दर्शन किए। जिसके बाद नौ बजे सिंबलनाला श्मशानघाट में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में सैन्य अधिकारियों के साथ परिजनों ने शव को कंधा दिया।
बड़े भाई संजीव ने चिता को मुखाग्नि दी। 25 ग्रेनेडियर के कमांडिंग आफिसर कर्नल एस राजाबिलू के नेतृत्व में मेजर कुंदीप सिंह, सूबेदार बलबीर सिंह सहित अन्य सैनिकों ने अपने शस्त्रों को उलटा कर हवा में सात राउंड फायर कर अंतिम गार्ड आफ हॉनर दिया।
सात महीने पहले हुआ था पासआउट
लेफ्टिनेंट नरेंद्र कुमार सात माह पहले ही आईएमए से पास आउट कर लेफ्टिनेंट बना था और पचीस ग्रेनेडियर बटालियन में तैनाती हुई थी। नरेंद्र को सेना द्वारा एक ऑफिसर ट्रेनिंग कोर्स के लिए भेजा गया था। जहां उसके पैर की हड्डी में चोट आई थी।
वह ट्रेन से लखनऊ इलाज के लिए सेना के बड़े अस्पताल जा रहा था। विधायक कर्नल इंद्र सिंह, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार रंगीला राम राव, एसडीएम डा. सुरेश जसवाल, भाजपा जिला महामंत्री दलीप ठाकुर, भरनाल पंचायत उपप्रधान राजेंद्र कुमार सहित सैकड़ों लोगों ने नरेंद्र को श्रद्धांजलि दीं।