लॉकडाउन में राहत का सिलसिला आगे बढ़ाते हुए सरकार अब प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों और विकास कार्यों को रफ्तार देगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इसके साफ संकेत दे दिए हैं। शुक्रवार को उन्होंने सभी जिलों के डीसी, एसपी और सीएमओ से वीडियो कांफ्रेंसिंग में इस बाबत निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को समय से पूरा करने के लिए पीडब्ल्यूडी, जल शक्ति, पंचायती राज विभाग और मनरेगा मजदूरों को कर्फ्यू में ढील की अवधि के बाद भी काम करने की छूट दी जाए। साथ ही केंद्र द्वारा 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा के बाद वित्तीय गतिविधियों को शुरू करने के लिए बैंक कर्मियों को भी कर्फ्यू के दौरान आवागमन की छूट दें।
नए निर्देशों से साफ है कि लॉकडाउन-4 में सरकार का फोकस आर्थिक गतिविधियों और विकास कार्यों को गति देना रहेगा। बैठक में सीएम ने कहा कि रेड जोन से आने वाले संस्थागत क्वारंटीन होंगे। पांच से सात दिन बाद कोरोना परीक्षण की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें बाकी अवधि के लिए होम क्वारंटीन करेंगे। ऑरेंज और ग्रीन जोन के क्षेत्रों से आने वालों को होम क्वारंटीन कर उनका रैंडम परीक्षण करें। मुख्यमंत्री ने होम क्वारंटीन के लिए फुलप्रूफ व्यवस्था बनाने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की ढील या चूक नुकसानदेह होगी। होम क्वारंटीन के नियम तोड़ने वालों से सख्ती से निपटा जाए। बैठक में मुख्य सचिव अनिल खाची, पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान, प्रधान सचिव जेसी शर्मा और ओंकार शर्मा भी उपस्थित थे।