हिमाचल प्रदेश में शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी अंधड़ के बीच बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि का दौर जारी रहा। शिमला, हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा, मंडी और धर्मशाला समेत कई जिलों में सुबह बारिश हुई, रोहतांग, धौलाधार और अन्य ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। बारिश और हिमपात के चलते प्रदेश के अधिकतम तापमान में 12 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
एक सप्ताह पूर्व प्रदेश के सबसे गर्म जिले ऊना का अधिकतम पारा 43 डिग्री पहुंच गया था जो शनिवार को 28.8 डिग्री तक लुढ़क गया। न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई है। सिरमौर की छोगटाली और दीदग पंचायतों में ओलावृष्टि से फसलें तबाह हुई हैं। यहां ओले गिरने से तिरपालों में भी छेद हो गए। बर्फ की तरह ओलों के ढेर लग गए।
इस बीच, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने किन्नौर और लाहौल-स्पीति के अलावा प्रदेश के शेष 10 जिलों में रविवार को बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 31 मई से 5 जून तक प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहने का अनुमान है। ऊना जिले में गगरेट-दौलतपुर मुख्य मार्ग पर पड़ने वाली दियोली खड्ड उफान पर आ गई, जिससे वाहनों की आवाजाही थम गई।
इसी दौरान एक बाइक सवार ने उफनती खड्ड पार करने का प्रयास किया और बीच धारा में फंस गया। एक युवक ने खड्ड में उतरकर बाइक सवार को सुरक्षित निकाला। करीब तीन घंटे की मूसलाधार बारिश के कारण बद्दी-नालागढ़ फोरलेन समेत बद्दी-बरोटीवाला और बद्दी-साई मार्ग पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गए। सड़कों पर जलभराव इस कद्र था कि कई कारें आधे से ज्यादा पानी में डूब गईं। चंबा के सिहुंता, सलूणी, साहो और चुवाड़ी क्षेत्रों में भी हल्की बर्फबारी हुई। बारिश से किसान और बागवानों के चेहरे खिले हैं।
न्यूनतम तापमान में भी दर्ज हुई कमी
बारिश के चलते न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार रात को कुकुमसेरी का न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, शिमला में 11.5, सुंदरनगर में 16.4, भुंतर में 15.1, कल्पा में 6.2, धर्मशाला में 17.8, ऊना में 20.0, नाहन में 17.0, केलांग में 5.8, सोलन में 14.0, मनाली में 10.8, कांगड़ा में 17.0, मंडी में 17.5, बिलासपुर में 19.0, कुफरी में 8.4, भरमौर में 12.0, पांवटा साहिब में 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जून से सितंबर तक कम बारिश के आसार
हिमाचल प्रदेश में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। मौसम विभाग की ओर से शनिवार को जारी मानसून पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में जून से सितंबर के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार वर्ष 2026 में पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ऋतु की वर्षा दीर्घावधि औसत का 90 फीसदी रहने की संभावना है, जिसमें चार फीसदी तक कम-ज्यादा होने की संभावना जताई गई है। वर्ष 1971 से 2020 की अवधि के आधार पर देश में मानसून ऋतु की सामान्य वर्षा 87 सेंटीमीटर मानी जाती है।
हिमाचल प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मानसून सीजन के दौरान दीर्घावधि औसत (92 फीसदी से नीचे) के मुकाबले सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं। हालांकि किन्नौर जिले के कुछ क्षेत्रों में सामान्य वर्षा हो सकती है, जबकि लाहौल-स्पीति के कुछ हिस्सों और चंबा जिले के उत्तरी क्षेत्रों में सामान्य वर्षा का अनुमान है। प्रदेश के लिए मानसून सीजन की सामान्य वर्षा 734.4 मिलीमीटर है। सामान्य से कम वर्षा होने पर कृषि उत्पादन, जल उपलब्धता, जल विद्युत उत्पादन और पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। हिमाचल में जून की सामान्य वर्षा 101.1 मिलीमीटर मानी जाती है। जून के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। वहीं अधिकतम तापमान कई क्षेत्रों में सामान्य से कम रह सकता है, लेकिन किन्नौर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और ऊना जिलों में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज होने के आसार हैं।
अधिकतम तापमान
| ऊना |
28.8 |
| नाहन |
28.5 |
| धर्मशाला |
28.0 |
| मनाली |
25.6 |
| चंबा |
25.6 |
| नेरी |
24.5 |
| मंडी |
22.4 |
| बरठीं |
22.0 |
| कल्पा |
20.1 |
| शिमला |
17.5 |