हिमाचल प्रदेश में 23 अगस्त तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने दो दिन तक भारी बारिश और तूफान चलने का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने 19 अगस्त के लिए मैदानी व मध्य पर्वतीय भागों में बारिश-अंधड़ का अलर्ट जारी किया है।
जबकि 20 और 21 अगस्त के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने प्रदेश के 10 जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। उधर, मंगलवार को राजधानी शिमला समेत पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहा।
मैदानी जिलों में मौसम साफ रहने से पारा चढ़ना शुरू हो गया है। अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऊना में अधिकतम तापमान 36.8, बिलासपुर 34.0, सुंदरनगर 33.0, भुंतर 33.1, चंबा 32.1, कांगड़ा 32.1, हमीरपुर 32.8, सोलन 31.0, धर्मशाला 27.8, शिमला 25.4, कल्पा 24.9, केलांग 24.3 और डलहौजी में 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
भूस्खलन से रास्ता बंद, हादसे का बढ़ा खतरा
वहीं, नगर पंचायत आनी के क्यार कॉलोनी वार्ड में सार्वजनिक रास्ता क्षतिग्रस्त होने से राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी रास्ते से ठोगी, शमेशा, जाडी देवरी सहित क्यार कॉलोनी के विद्यार्थी स्कूल आवाजाही करते हैं। लेकिन भूस्खलन के बाद अब यह रास्ता खतरनाक हो गया है। क्यार कॉलोनी वार्ड के निवासी पूर्ण चंद शर्मा ने बताया की भूस्खलन कुछ समय पहले भारी बरसात के कारण हुआ था। इससे बरसों पुराना रास्ता बंद हो गया है।
राहगीरों को यहां से मुश्किल गुजरना पड़ रहा है। कहा कि यह भूस्खलन भवन निर्माण के दौरान निकले मलबे को डंगे के ऊपर ढेर लगाकर रखने से हुआ है। अगर समय रहते इसे दुरुस्त न किया गया तो यहां और भूस्खलन होने का खतरा बना हुआ है। इससे इसके नीचे रिहायशी मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है। यहां एक सिंचाई कूहल भी थी जो बेतरतीब भवन निर्माण की भेंट चढ़ चुकी है। कूहल के बंद होने से बारिश का सारा पानी रास्तों से होकर घरों की ओर आ रहा है। उन्होंने नगर पंचायत आनी से इसे जल्द ठीक करवाने की मांग उठाई है।