फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल प्रदेश: कुल्लू-सिरमौर में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान, बड़ा भंगाल में फंसे भेड़पालक

Wed, 12 May 2021 09:57 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने गुरुवार को भी मैदानी और मध्य पर्वतीय जिलों में भारी बारिश, अधंड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। प्रदेश के मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा में 15 मई और अन्य क्षेत्रों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा, किन्नौर व लाहौल स्पीति में 17 मई से मौसम साफ होने का पूर्वानुमान है। 
विज्ञापन
भारी ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और सिरमौर जिलों में भारी ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। कुल्लू में बुधवार को दोपहर बाद भारी बारिश के साथ अंधड़ चला। सैंज घाटी में भारी ओलावृष्टि से सेब के साथ मटर, गोभी, जौ-गेहूं को भारी नुकसान हुआ है। सिरमौर के पच्छाद क्षेत्र की मानगढ़ पंचायत के करीब एक दर्जन गांवों में भारी ओलावृष्टि से सब्जियों के साथ फलदार पौधों को भारी नुकसान पहुंचा है। टमाटर और शिमला मिर्च की फसल तबाह हो गई।

विज्ञापन


खुमानी, आडू़, प्लम और सेब को भी नुकसान पहुंचा है। कांगड़ा के दुगर्म क्षेत्र बड़ा भंगाल की जोतों में सैकड़ों भेड़पालक भेड़-बकरियों के साथ फंस गए हैं। पिछले वर्षों में मार्च में बर्फबारी थमने के बाद अप्रैल तक ये जोतों से नीचे उतर आते थे। इस बार मई में भी जारी बर्फबारी के चलते भेड़पालक फंस गए हैं। भूस्खलन से चंबा-पठानकोट एनएच ढाई घंटे बंद रहा। बुधवार को ऑरेंज अलर्ट के बीच शिमला में दोपहर के समय अंधड़ के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई।

कांगड़ा, धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सुंदरनगर में झमाझम बादल बरसे। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने गुरुवार को भी मैदानी और मध्य पर्वतीय जिलों में भारी बारिश, अधंड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। प्रदेश के मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा में 15 मई और अन्य क्षेत्रों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा, किन्नौर व लाहौल स्पीति में 17 मई से मौसम साफ होने का पूर्वानुमान है। रोहतांग दर्रा के साथ ऊंची चोटियों में ताजा बर्फ के फाहे गिरने से तापमान में गिरावट आई है। 
विज्ञापन


धर्मशाला, पालमपुर, नगरोटा बगवां और बैजनाथ में आलू की खेतीबाड़ी करने वाले किसानों को सफल खेतों में ही सड़ने की चिंता सताने लगी है। गेहूं को भी नुकसान पहुंचा है। बुधवार को बिलासपुर में अधिकतम तापमान 33.4, ऊना 33.0, हमीरपुर 32.6, कांगड़ा 31.8, सुंदरनगर 30.4, सोलन 29.3, चंबा 28.9, नाहन-भुंतर 26.5, धर्मशाला 25.6, शिमला 22.1, कल्पा 18.8, डलहौजी 18.2 और केलांग में 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। उधर, मंगलवार रात को केलांग में न्यूनतम तापमान 4.4, कल्पा 7.0, मनाली 10.2, शिमला 14.1, धर्मशाला 14.0 और ऊना में 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

क्षेत्र                               बारिश मिलीमीटर में
धर्मशाला                          65
मंडी                               26
कांगड़ा                            20
पालमपुर                          20
सैंज                                15
नारकंडा                            12 
सुंदरनगर                          10
भुंतर                                6
डलहौजी                            5

विज्ञापन

सोलन में 13 वर्षों बाद टूट सकता है बारिश का रिकॉर्ड

पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से हिमाचल प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज नए रिकॉर्ड बना सकता है। जिला सोलन में 13 वर्षों बाद मई में बारिश का रिकॉर्ड टूट सकता है। 1998 में मई में 83 मिलीमीटर बारिश हुई थी।

यह अभी तक की सबसे अधिक मई में हुई बारिश है। इस वर्ष 11 मई तक ही सोलन में 75 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम खराब रहने के पूर्वानुमान के बीच इस रिकॉर्ड के टूटने की संभावना बन गई है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें