हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और ऊना में गुरुवार को मौसम में आए बदलाव से दिन में ही अंधेरा छा गया। दोनों शहरों में बादल झमाझम बरसे। बिलासपुर, धर्मशाला, सुंदरनगर, पालमपुर, सोलन, मनाली, कांगड़ा, मंडी, चंबा और डलहौजी में भी हल्की बारिश रिकॉर्ड हुई। प्रदेश में शुक्रवार को बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में एक जुलाई तक सामान्य बारिश होने का पूर्वानुमान है।
बीते एक सप्ताह के दौरान प्रदेश में मानसून की गति कमजोर रही। 18 से 24 जून तक प्रदेश में सामान्य से 53 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई। ऊना में सुबह करीब 10 बजे मौसम ने एकाएक करवट ली। शहर में अंधेरा छा गया। इसी तरह शिमला में दोपहर करीब बारह बजे अंधेरा हो गया। ऊना में 14 और शिमला मं सात मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। हालांकि इसके बाद दोनों ही शहरों में मौसम साफ होते ही धूप खिल गई।
गुरुवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में सामान्य से छह डिग्री की कमी दर्ज हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 34.2, चंबा में 30.4, कांगड़ा में 30.3, बिलासपुर में 29.5, हमीरपुर में 28.0, धर्मशाला-सुंदरनगर में 29.4, मंडी-भुंतर में 28.2, सोलन में 28.5, शिमला में 25.7, कल्पा में 24.2, डलहौजी में 17.9 और केलांग में 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि 18 से 24 जून तक प्रदेश में 12 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इस अवधि में 25 मिलीमीटर बारिश का सामान्य माना गया है। उन्होंने बताया कि आगामी एक सप्ताह में सामान्य बारिश होने के आसार हैं। उन्होंने बताया कि एक से 24 जून तक ऊना, सोलन और सिरमौर जिला में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। हमीरपुर और लाहौल-स्पीति में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई। शेष जिलों में सामान्य बारिश रही।
धर्मशाला में तूफान के साथ बारिश
जिले के कई हिस्सों में गुरुवार सुबह तूफान के साथ जोरदार बारिश हुई है। बारिश के बाद खेतों को पर्याप्त पानी मिलने से किसानों ने खेतों में धान की रोपाई का काम किया। नूरपुर, फतेहपुर और जवाली क्षेत्रों में लगातार धूप पड़ने के बाद मक्की की फसल के लिए भी बारिश की जरूरत थी। छोटे फलदार पौधों के लिए यह बारिश लाभकारी बताई जा रही है। तेज हवाओं और बारिश के बाद लोगों ने बढ़ती गर्मी से राहत की सांस ली है। बारिश-तूफान से फिलहाल किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
शिमला का रिज मैदान