माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 10 जुलाई तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। 6, 7 और 8 जुलाई को राज्य के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ ही 6 और 7 जुलाई को कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश और 8 जुलाई को कुछ जगहों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 4, 5, 9 और 10 जुलाई को राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 4, 5 और 9 जुलाई को कुछ जगहों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 6 जुलाई के लिए मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 7 जुलाई को भी चंबा, कांगड़ा व सिरमौर के लिए ऑरेंज अलर्ट है। शिमला सहित अन्य कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। आज सोलन, सिरमाैर व बिलासपुर के लिए येलो अलर्ट है।
शिमला में न्यूनतम तापमान 18.4, सुंदरनगर 24.1, भुंतर 20.1, कल्पा 13.4, धर्मशाला 20.5, ऊना 23.4, नाहन 22.7, केलांग 12.2, पालमपुर 21.0, सोलन 21.0, मनाली 17.2, कांगड़ा 21.8, मंडी 24.7, बिलासपुर 24.0, हमीरपुर 25.9, चंबा 23.5,जुब्बड़हट्टी 20.8, कुफरी 16.5, कुकुमसेरी 11.2, नारकंडा 13.4, भरमाैर 13.0, सेऊबाग 20.2, पांवटा साहिब 27.0, सराहन 17.3, देहरागोपीपुर 27.0, ताबो 14.7, मशोबरा 18.9 व नेरी में 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इस मानसून सीजन में 1 से 3 जुलाई तक राज्य में सामान्य से 106 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि के लिए 15 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया, लेकिन वास्तव में 30.9 मिलीमीटर बारिश हुई। बिलासपुर में सामान्य से 37, चंबा 107, हमीरपुर 45, कांगड़ा 125, किन्नाैर 423, कुल्लू 195, मंडी 46, शिमला 117, सिरमाैर 143, सोलन 140 व ऊना में 130 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। लाहाैल-स्पीति जिले में सामान्य से 30 फीसदी कम बारिश हुई है।
राज्य में मानसून के दौरान आपदा की तैयारी और अलर्ट के बारे में, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने कहा, 'हमारी सरकार, जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह सतर्क हैं। हमने 2023 की भयानक आपदा और 2025 की मुश्किल स्थितियों का सामना किया है। इसलिए, हर विभाग तैयार रहता है और किसी भी घटना के होने पर तुरंत कार्रवाई करता है। सड़कों को जल्द से जल्द खोला जाता है और जरूरी सेवाओं को बिना देरी के बहाल किया जाता है... मैं पर्यटकों से अपील करना चाहता हूं कि शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी और कसौली जैसी जगहें सुरक्षित हैं। लोगों को आना चाहिए और हिमाचल प्रदेश के सुहावने मौसम और मानसून की खूबसूरती का आनंद लेना चाहिए। बस उन्हें भारी बारिश के दौरान नदियों, नालों और जोखिम वाली जगहों से दूर रहना चाहिए। राज्य की यात्रा न करने का कोई कारण नहीं है।'
चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पर साढ़े तीन घंटे बाद यातायात व्यवस्था सुचारू होने से वाहन चालकों, राहगीरों ने राहत की सांस ली। शनिवार दोपहर करीब 1:00 बजे रखालू मंदिर के समीप हुए भूस्खलन से सड़क पूरी तरह बंद हो गई। पहाड़ी से भारी-भरकम चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मार्ग बंद होने से चंबा से तीसा और तीसा से चंबा जाने वाली बसों सहित छोटे वाहन भी फंस गए और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोक निर्माण विभाग की टीम मशीनरी और मजदूर मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद सायं साढ़े चार बजे मार्ग यातायात को लिए बहाल करवाया जा सका। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोगिंद्र शर्मा ने बताया कि मार्ग यातायात को लिए बहाल करवा दिया गया है।