कुल्लू में बारिश का दौर शुरू, मौसम हुआ सुहावना
जिला कुल्लू में सोमवार को बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी मौसम ने करवट ली है। जिला मुख्यालय कुल्लू में सबह जहां लोगों को आने जाने में परेशानी हुई वहीं स्कूल और कॉलेज के बच्चों को भी दिक्कत हुई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के समीप जाने से बचने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। बारिश के चलते कुछ स्थानों पर सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, इसलिए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
चुराह में पंगोला नाले का कहर, मलबे से चंबा-तीसा और नकरोड़-थल्ली मार्ग बाधित
लगातार हो रही बारिश के बीच चंबा जिले के चुराह क्षेत्र में पंगोला नाले के उफान ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। देर रात नाले में आए तेज बहाव और भारी मलबे के कारण चंबा-तीसा मुख्य मार्ग तथा नकरोड़-थल्ली सड़क पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया।
तेज जलप्रवाह से कई स्थानों पर सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और मलबा जमा होने से वाहनों की आवाजाही रुक गई। मार्ग बंद होने के कारण चुराह क्षेत्र का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित रहा। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन के साथ-साथ जरूरी सेवाओं और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने मौके पर जेसीबी और अन्य मशीनरी तैनात कर बहाली कार्य शुरू किया। विभाग की टीमों ने लगातार मलबा हटाने का अभियान चलाया, जिसके बाद सुबह करीब 10 बजे छोटे वाहनों के लिए चंबा-तीसा मार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया।
हालांकि बड़े वाहनों के लिए मार्ग अभी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो पाया है और बहाली का कार्य जारी है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता संजीव अत्री ने बताया कि सड़क को पूरी तरह बहाल करने के लिए मशीनरी लगातार काम कर रही है और जल्द ही बड़े वाहनों की आवाजाही भी शुरू कर दी जाएगी।
शिमला के कैथू में भारी बारिश से ड्रेनेज व्यवस्था फेल, जलभराव के कारण पैदल आवाजाही ठप
राजधानी शिमला के कैथू क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद जल निकासी व्यवस्था की खामियां एक बार फिर सामने आ गईं। बारिश का पानी सड़क और पैदल मार्ग पर भर जाने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई स्थानों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ ही समय की तेज बारिश के बाद नालियां ओवरफ्लो हो गईं, जिससे पानी सीधे सड़क और पैदल रास्तों पर बहने लगा। जलभराव के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे अधिक परेशानी हुई।
निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। हर बरसात में यही स्थिति पैदा होती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि नालियों की समय पर सफाई और ड्रेनेज सिस्टम के रखरखाव में कमी के कारण बारिश का पानी सड़कों पर फैल जाता है।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम और संबंधित विभागों से मांग की है कि कैथू क्षेत्र में ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत किया जाए, नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और जलभराव वाले स्थानों पर स्थायी समाधान किया जाए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
पागलनाला में उफान से लारजी-सैंज मार्ग बंद
लगातार बारिश के बीच कुल्लू जिले की सैंज घाटी में स्थित पागलनाला उफान पर आ गया, जिससे लारजी-सैंज सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर जमा हो गए। इसके चलते सोमवार सुबह से इस महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
सड़क बंद होने से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं के साथ कार्यालय जाने वाले कर्मचारी भी रास्ते में फंस गए, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग और संबंधित परियोजना प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने का काम शुरू कर दिया गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मार्ग पूरी तरह बहाल होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखें।