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Himachal Weather: भूस्खलन से प्रदेश में 289 सड़कें बाधित, 346 बिजली ट्रांसफार्मर ठप, इतने दिन बरसेंगे बादल

Wed, 30 Jul 2025 11:24 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

राज्य में बुधवार रात 10:00 बजे तक भूस्खलन से 289 सड़कें ठप रहीं। 346 बिजली ट्रांसफार्मर व 254 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। 
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चंबा में भूस्खलन की चपेट में आए मकान। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ऑरेंज अलर्ट के बीच हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बारिश लगातार जारी है। इससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। चंबा जिले के भटियात क्षेत्र के तहत कामला में भूस्खलन से बोलेरो गाड़ी सड़क के बीचोंबीच फंस गई। गाड़ी में सवार लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। वहीं चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत मंगली के भोड़ास गांव में पहाड़ी से हुए भूस्खलन की चपेट में कुछ मकान आए हैं।  चुराह उपमंडल का तरेला-बौदेड़ी-मंगली जुनास घारे के समीप बंद हो गया। चुराह उपमंडल का शिकारी मोड़-गनेड़-बिहाली मार्ग गनेड़ नाला में बंद होने से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। कांगड़ा जिले में भी भारी बारिश से कई सड़कें ठप हो गई हैं। शिमला में भी माैसम खराब बना हुआ है। 

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इतने दिन बरसेंगे बादल
राज्य में बुधवार रात 10:00 बजे तक भूस्खलन से 289 सड़कें ठप रहीं। 346 बिजली ट्रांसफार्मर व 254 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं। मंडी जिले में सबसे ज्यादा 217 सड़कें व 155 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हैं। चंबा जिले में 279 व कुल्लू जिले में 111 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से आज चंबा, कांगड़ा व मंडी जिले के कई भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 31 जुलाई से 5 अगस्त तक के लिए कई क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार 30-31 जुलाई, 4 और 5 अगस्त को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। 1 से 3 अगस्त  तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 

मानसून में अब तक 1,646 कच्चे-पक्के घर क्षतिग्रस्त
प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 29 जुलाई तक 170 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 278 लोग घायल हुए हैं। 36 लोग अभी भी लापता हैं। इस दाैरान 76 लोगों की सड़क हादसों में माैत हुई है।  बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 1,646 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 1,187 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,402 पालतु पशुओं की माैत हुई है। नुकसान का कुल आंकड़ा 1,53,838.54 लाख रुपये पहुंच गया है।

 चार घंटे बाद बहाल हुआ भूस्खलन से बंद चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे
सोमवार रात से जारी मूसलाधार बारिश के चलते बुधवार सुबह करीब 4:00 बजे 9 मील और कैंची मोड़ के पास चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर फिर भूस्खलन हुआ। इससे हाईवे पूरी तरह बंद हो गया। जानकारी देते हुए पंडोह पुलिस चौकी के प्रभारी अनिल कटोच ने बताया कि तेज बारिश के चलते रात में मलबा हटाने का कार्य शुरू नहीं हो पाया। सुबह 6:00 बजे के करीब संबंधित कंपनी की मशीनरी मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। लगभग 8:00 बजे तक मार्ग को एकतरफा यातायात के लिए खोल दिया गया। पुलिस की निगरानी में फंसे हुए वाहनों को सुरक्षित निकाला गया।

मौसम को ध्यान में रखते हुए करें यात्रा
यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें और अनावश्यक जोखिम न उठाएं। बता दें, मंडी से औट तक चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे का यह हिस्सा लगातार भूस्खलन की चपेट में आ रहा है।  बीते कुछ दिनों से जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। इससे मार्ग बेहद खतरनाक बन चुका है और आए दिन यातायात प्रभावित हो रहा है। प्रशासन और पुलिस विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान पहाड़ी मार्गों पर यात्रा से बचने की सलाह दी है। साथ ही स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे केवल आवश्यक होने पर ही इस मार्ग का उपयोग करें। चंबा जिले के चुराह उपमंडल की शिकारी मोड़-गनेड़-बिहाली सड़क गनेड़ नाला का जल स्तर बढ़ने से बाधित हो गई है। 
 

कांगड़ा जिले में कई सड़कें ठप
कांगड़ा जिले में लगातार बारिश से कई सड़कों पर यातायात ठप हो गया है। शाहपुर मंडल में ही 11 सड़कें बाधित हैं। जिले में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर है। धर्मशाला व कांगड़ा उपमंडल में भी कई सड़कें भूस्खलन से प्रभावित हैं। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बताया कि अति आवश्यक न हो तो यात्रा न करें। जिला प्रशासन राहत दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। 

इन क्षेत्रों में झमाझम बरसे बादल
बीती रात भटियात में 182.6, पालमपुर 157.0, कांगड़ा 115.8, जोत 85.0, नादौन 76.4, पंडोह 63.5, देहरा गोपीपुर 52.2, गोहर 38.0, पच्छाद 37.3, जोगिंद्रनगर 36.0, चंबा 29.0, धर्मशाला 28.4, नयना देवी 22.6, जुब्बड़हट्टी 21.4, सराहन 20.5, जटाैन बैराज 20.4, सोलन और रोहड़ू 20.0 व कोठी में 18.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। वहीं अगले 2-3 दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। इसके बाद, अगले 2-3 दिनों में अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है।

चुराह उपमंडल नकरोड़-चांजू सड़क पर दरकी पहाड़ी
चंबा। चुराह उपमंडल नकरोड़-चांजू सड़क पर पहाड़ी दरक गई है। सड़क पर आवाजाही बंद होने से चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत बघेईगढ, चांजू,चरड़ा, देहरा का संपर्क तीसा मुख्यालय से पूरी तरह से कट गया है। गनीमत रही कि भूस्खलन के दाैरान मार्ग पर किसी की आवाजाही नहीं रही, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं पहाड़ी से गिरे पत्थरों के कारण तरेला पुल के समीप स्थित दो दुकानों में से एक क्षतिग्रस्त हो गई। जानकारी अनुसार तरेला पुल के पास बुधवार सुबह करीब 9:15 बजे पहाड़ी से पत्थरों के गिरने से नरेश कुमार पुत्र किशन चंद्र गांव कपरोठ चुराह की दुकान क्षतिग्रस्त हो गई।
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किन्नौर कैलाश यात्रा रोकी
इस वर्ष किन्नौर कैलाश यात्रा पर खराब मौसम की मार पड़ रही है। बुधवार को जिला प्रशासन ने मेलिंग खट्टा के पास नाले का जलस्तर बढ़ने और खराब मौसम को देखते हुए यात्रा को रोक दिया गया है। अब मौसम खुलने के बाद ही यात्रा करवाने पर अगला निर्णय लिया जाएगा। गौर हो कि समुद्र तल से करीब 6050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित किन्नौर कैलाश की यात्रा को इस वर्ष चौथी बार रोका गया है। मेलिंग खट्टा में करीब 250 श्रद्धालुओं को सुरक्षित ठहराया गया है।  एसडीएम कल्पा अमित कल्थाइक ने बताया कि खराब मौसम और नाले के उफान पर आने के कारण किन्नौर कैलाश यात्रा को रोका गया है। मौसम खुलते ही श्रद्धालुओं को यात्रा पर भेजा जाएगा।
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