फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal Weather: चंबा में बादल फटने से पुल बहा; 50 श्रद्धालु फंसे, चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट

Mon, 17 Aug 2026 07:06 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला/धर्मशाला।

सार

 प्रदेशभर में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाओं के चलते 87 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं, जबकि आठ पेयजल योजनाएं और चार बिजली परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।  चंबा जिले के भरमौर में चौरासी चला नाला में बादल फटने से बाढ़ आ गई। इससे नाले पर बना पैदल पुल बह गया। 
विज्ञापन
शिमला में झमाझम बारिश, भरमाैर में फटा बादल। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 मौसम विभाग के भारी बारिश के अलर्ट के बीच चंबा जिले के भरमौर में चौरासी चला नाला में बादल फटने से बाढ़ आ गई। इससे नाले पर बना पैदल पुल बह गया। पुल बहने से खुंडी मराल जातर देखने गए 50 श्रद्धालु फंस गए। ये लोग औराफाटी, राड़ी एवं खुंदेल गांवों से मेला देखने गए थे। करीब दो से ढाई घंटे बाद नाले का जलस्तर कम हुआ तो दूसरी ओर फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू हुआ। उधर, राजधानी शिमला, बिलासपुर, नाहन और धर्मशाला सहित कई क्षेत्रों में सोमवार दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई। प्रदेशभर में बारिश-भूस्खलन के चलते 87 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं, जबकि आठ पेयजल योजनाएं और चार बिजली परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। वहीं परवाणू-शिमला नेशनल हाईवे पर चक्की मोड़ के पास सोमवार शाम तेज बारिश के चलते पहाड़ी से रुक-रुककर छोटे-छोटे पत्थर गिरने लगे। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिस जवानों ने एहतियातन दोनों तरफ का ट्रैफिक कुछ मिनटों के लिए रोक दिया। मौके पर मौजूद जेसीबी की मदद से सड़क पर गिरे पत्थरों को तुरंत हटाया गया, जिसके बाद यातायात को बहाल कर दिया गया। 

विज्ञापन



 

इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार को चार जिलों बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। छह जिलों शिमला, सोलन, ऊना, कांगड़ा, बिलासपुर और हमीरपुर में येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं किन्नौर और लाहौल-स्पीति में मौसम साफ रहने का अनुमान है। राजधानी शिमला में सोमवार सुबह मौसम साफ रहा। दोपहर बाद शहर में झमाझम बरसे। धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में सुबह मौसम साफ रहने के बाद दोपहर बाद तेज बारिश हुई। गगल हवाई अड्डे से उड़ानों का संचालन भी सामान्य रहा। कुल्लू और लाहौल-स्पीति में सोमवार को मौसम साफ रहा, लेकिन पूर्व में हुए भूस्खलनों का असर अब भी बना हुआ है। कुल्लू जिले में 33 सड़कें बंद होने से सेब सीजन के दौरान बागवानों की चिंता बढ़ गई है। फलों की ढुलाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। 

 मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र में बारिश के कारण रड़ा के समीप धर्मपुर-जोगिंद्रनगर सड़क पर मलबा और पत्थर गिरने से यातायात करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। ऊना जिले में सुबह और दोपहर के समय कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद धूप निकलने से मौसम सुहावना हो गया। हमीरपुर में दिनभर मौसम सामान्य बना रहा। अधिकांश समय धूप खिली रही और शाम के समय बादलों की आवाजाही देखी गई।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक सड़कें कुल्लू, शिमला और कांगड़ा जिलों में प्रभावित हैं। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
विज्ञापन

कहां कितनी मिलीमीटर बारिश
धर्मशाला 82
नाहन 35
सराहन 20
ऊना 16
देहरा 14
कसौली 10
शिमला 5
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें