करसोग उपमंडल में स्कूल बंद
बर्फबारी के कारण किन्नौर में जगह-जगह हिमस्खलन व भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध हुए हैं। भावा वैली में हिमस्खलन से संपर्क मार्ग बाधित हो गया। एनएच पांच पर पूरबनी झूला के पास भी हिमस्खलन हुआ है। वहीं उप मंडलाधिकारी कुल्लू विकास शुक्ला ने कहा कि कुल्लू के सभी स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया है। करसोग उपमंडल में अनेक संपर्क मार्ग और रास्ते प्रभावित हुए हैं। इसके दृष्टिगत एसडीम करसोग गौरव महाजन ने उपमंडल के सभी स्कूलों में 28 फरवरी के दिन छुट्टी घोषित कर दी। एसडीएम गौरव महाजन ने बताया कि उपमंडल में निरंतर हो रही भारी बारिश के कारण संपर्क मार्ग और रास्ते प्रभावित हुए हैं। उपमंडल के सभी राजकीय और निजी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। जबकि उपमंडल के सीबीएसई व अन्य बोर्ड से संबंधित स्कूलों में परीक्षाएं पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार होंगी। उनमें किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पर्यटन नगरी मनाली में भारी बर्फबारी, जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई जगह गिरे पेड़
मनाली में गुरुवार शाम से भारी बर्फबारी हो रही है। अब तक मनाली शहर में एक फुट से अधिक बर्फबारी हो चुकी है। शहर के साथ लगते इलाकों में करीब दो फुट बर्फबारी हुई है। इससे जनजीवन ठप हो गया है। घाटी की तमाम संपर्क सड़कों पर यातायात ठप हो गया है। नेशनल हाईवे पर भी बसों की आवाजाही बंद हो गई। करीब 12 घंटे से घाटी में बिजली गुल है। भारी बर्फबारी को देखते हुए प्रशासन ने आज उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी।
बर्फ के चलते मनाली शहर में कई पेड़ गिरे हैं। इससे व्यापक नुकसान हुआ है। कई जगह मलबा सड़क पर पहुंच गया। वहीं सरवरी बस स्टैंड की मुख्य सड़क पर एक कार भूस्खलन की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। पहाड़ी की तरफ अचानक मलबा सड़क पर आ गिरा, गनीमत यह रही कि कार मलबे की चपेट में नहीं आई।
ऊना के बंगाणा उपमंडल में भारी बारिश, गेहूं की फसल खेतों में बिछी
जिला ऊना उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में गुरुवार देर शाम से हो मूसलाधार बारिश जारी है। इससे गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। लगातार हो रही बारिश तथा तेज हवाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खरयालता डीहर धनेत सहित अन्य स्थानों पर गेहूं की लहलहाती फसल खेतों में बिछ गई है। किसानों का कहना है कि अगर वारिश इसी तरह होती रही तो फसल खेतों में सड़ जाएगी।
सोलन में कई रूट बंद, चंबाघाट फ्लाईओवर के नीचे सड़क बनी तालाब
सोलन जिलेभर में देररात से जोरदार बारिश हो रही है। इससे कई जगह पानी भर रहा है, वहीं कालका-शिमला एनएच पर भी जगह-जगह पत्थर गिर रहे हैं। जिले के एचआरटीसी के देररात से नौ स्थानीय रूट भी बारिश के चलते बंद पड़े हैं। अगर बारिश इसी क्रम में चलती रही तो कई और रूट बंद होने के आसार हैं। हालांकि, बारिश होने से किसान बागवान खुश हैं। फसलों में इससे जान पड़ गई है। चंबाघाट फ्लाईओवर के नीचे सड़क तालाब बन गई है।
हिमस्खलन से फंसे दो पर्यटकों को मूलिंग युवक मंडल ने किया रेस्क्यू
मूलिंग में हिमस्खलन के कारण बीच में सैलानियों की गाड़ी फंस गई। सूचना मिलने पर मूलिंग पंचायत के उपप्रधान समेत कुछ युवक बर्फबारी के बीच लगभग तीन किमी चलकर जान जोखिम में डालकर सैलानी तक पहुंचे और उन्हें रेस्क्यू कर मूलिंग गांव ले गए । जिला आपदा प्रबंधन के अनुसार शाम 8:00 बजे पर्यटकों ने फोन किया। यह पर्यटक बर्फबारी के बीच सिस्सू से केलांग की तरफ गाड़ी में निकले थे लेकिन दालंग मैदान से आगे होमो नाला के पास हिमस्खलन से इनकी गाड़ी फंस गई।
सराज क्षेत्र में 12 सड़कें बंद
सराज के विभिन्न इलाकों में हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण किसानों और बागवानों को राहत मिली है। लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता रोशन लाल ठाकुर ने बताया कि मंडल की 12 सड़कें बंद हैं। इसमें जंजैहली-रायगढ़ शिकारी माता, जंजैहली-मगरूगला-छतरी, बुंग-भलबाड़-रेशन खौली, भंथल-सनारली-शंकरदेहरा-रायगढ़, जंजैहली-भेखली -गाड़ागुशैणी, छतरी-गाड़ागुशैणी, टपनाली-घाट, टपनाली-खौली, खौली-रेशन, बिलागाड़-मगरूगला, छतरी-जंजैहली वाया लस्सी, ब्रयोगी-ठैंसर-मगरूगला सड़कें शामिल हैं। विभाग की ओर से सड़कों को बहाल करने के लिए मशीनरी और कर्मचारी तैनात कर लिए गए हैं। एसडीएम थुनाग रमेश कुमार ने बताया कि मौसम की स्थिति पर प्रशासन पूरी तरह से नजरें बनाए हुए हैं। सबंधित विभागों को मूलभूत सुविधाओं में आने वाली मुश्किलों से निपटने बारे आदेश जारी किए गए हैं।
कुल्लू में बारिश से तालाब बनीं सड़कें
कुल्लू जिले में झमाझम बारिश हो रही है। भारी बारिश से जिला मुख्यालय की सड़कें और रास्ते कुछ ही देर के भीतर पानी से लबालब हो गए। बारिश ने लोक निर्माण विभाग और नगर परिषद की व्यवस्था की भी पोल खोल दी है। जिले की मुख्य सड़क (एमडीआर) पर गांधीनगर से लेकर रामशिला तक पानी बह रहा है। वहीं, नगर परिषद के सभी 11 वार्डों के पैदल रास्ते भी तालाब बन गए, जिसके कारण राहगीरों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लालचंद्र प्रार्थी कलाकेंद्र से अस्पताल गेट आने वाला पैदल रास्ते में भी जल भराव हुआ है। वहीं ढालपुर से कॉलेज चौक तक अस्पताल सड़क पर भी जगह-जगह पानी जमा हो गया है। पार्किंग में सरवरी नदी का पानी आ गया। इससे पांच वाहन फंसे रहे। इनमें चार वाहनों को कड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया। एक मारुति कार करीब 50 मीटर तक बह गई। इसके बाद पत्थर से फंस गई। दो झुग्गियां भी पानी में डूब गईं। इनका सामान भी खराब हो गया है। पार्किंग में पानी भरने से साथ लगते मकानों को खतरा हो गया है। गांधीनगर नाले में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात रहे। नाले का पानी सड़क पर पहुंच गया। सड़क के किनारे खड़े तीन वाहन मलबे में दब गए। इनमें एक ऑटो में शामिल था। नाले का पानी सड़क की तरफ बढ़ गया। इससे पानी लोगों के घरों में पानी घुस गया।
ब्यास नदी से दूर रहने की सलाह, खोले जा रहे पंडोह डैम के गेट
उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने पंडोह डैम से नीचे की ओर ब्यास नदी के किनारे नहीं जाने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि ब्यास नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बर्फ पिघलने और लगातार हो रही बारिश के कारण पड़ोह जलाशय में जलप्रवाह लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बीबीएमबी द्वारा पंडोह डैम के स्पिलवे गेट्स को अतिरिक्त जल प्रवाह को छोड़ने के लिए संचालित किया जाना है। इससे पंडोह डैम से नीचे के ओर ब्यास नदी में पानी का प्रवाह बढ़ सकता है। इसलिए कोई भी नागरिक ब्यास नदी के किनारे न जाएं और नदी से दूर रहें।
बर्फबारी के बीच चंबा-सलूणी-लंगेरा मार्ग पर कार दुर्घटनाग्रस्त, चिकित्सक की मौत
चंबा-सलूणी-लंगेरा मार्ग पर कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। हादसे में एक चिकित्सक की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार चार चिकित्सक गुरुवार शाम बर्फबारी का आनंद लेने के लिए लंगेरा की तरफ निकले थे। अचानक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। इसके बाद घायल को मेडिकल काॅलेज चंबा पहुंचाया गया। उपचार के दौरान चिकित्सक ने दम तोड़ दिया। मेडिकल कॉलेज में मृतक का पोस्टमार्टम किया गया। एसपी अभिषेक यादव ने हादसे की पुष्टि की है।
मुल्थान में बादल फटने से चार गाड़ियां क्षतिग्रस्त, घरों-अस्पताल परिसर में घुसा मलबा
कांगड़ा जिले के उपमंडल बैजनाथ के अंतर्गत मुल्थान में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। बादल फटने के बाद अचानक पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा व पानी आने से नाले का जलस्तर बढ़ गया। इससे मलबा रिहायशी क्षेत्र में पहुंच गया। करीब चार वाहन क्षतिग्रस्त हुए। घरों व अस्पताल परिसर में भी मलबा घुस गया।
वहीं धर्मशाला में भारी बारिश के कारण मनूणी खड्ड का जलस्तर बढ़ने से खनियारा में तीन टिपर और एक जेसीबी फंस गई। लगातार जारी भारी बारिश के कारण धर्मशाला के आसपास की खड्डों और नालों में जलस्तर बढ़ गया है। नाले उफान पर हैं। वहीं खराब मौसम के कारण राज्य स्तरीय शिवरात्रि महोत्सव के संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।
भारी बारिश से कुल्लू के पाह नाले में आई बाढ़, चपेट में आईं छह से अधिक गाड़ियां क्षतिग्रस्त
कुल्लू जिले में बारिश से भारी तबाही मचाई है। पाह नाले में भारी बारिश से बाढ़ आ गई, जिसमें छह से अधिक गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। दोपहर बाद नाले में बाढ़ आई। नाले में बाढ़ देखकर लोगों में दहशत मच गई। बाढ़ से किसी तरह का जानी नुकसान नहीं है।