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Himachal Weather: अलर्ट के बीच रोहतांग समेत चोटियों पर बर्फबारी, शिमला में झमाझम बारिश; इतने दिन बरसेंगे बादल

Thu, 19 Mar 2026 03:51 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।

सार

ऑरेंज अलर्ट के बीच बारिश-बर्फबारी का दाैर लगातार जारी है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है।
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कुल्लू के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी, शिमला में झमाझम बारिश। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट के बीच बारिश-बर्फबारी का दाैर लगातार जारी है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है। शिमला सहित अन्य भागों में झमाझम बारिश हो रही है। माैसम में आए बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कुकुमसेरी का न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया है। बीते 24 घंटों के दाैरान मनाली में 53.0, सराहन 32.5, सियोबाग 32.4, जोत 27.0, भुंतर 26.5, निचार और जोत 19.0, भरमौर 17.0, धर्मशाला 15.3, भटियात 13.4, सांगला 10.8, जोगिंद्रनगर 10.0, रामपुर 8.2, पालमपुर 6.6, कांगड़ा 6.5, कुमारसैन में 5.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जबकि गोंधला में 13.0, केलांग 12.0, कुकुमसेरी 11.4, हंसा 10.0, सांगला 1.4 व कल्पा में 0.4 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है। किन्नौर की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हो रही है।  रामपुर सहित निचले क्षेत्रों में दोपहर बाद बारिश शुरू हुई।

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 पर्यटकों को सोलंगनाला से आगे नहीं भेजा 
 जिला कुल्लू व लाहौल में बुधवार रात भर से बारिश का दौर जारी है। मनाली से केलांग के बीच फोर बाई फोर वाहन दौड़ रहे हैं। जबकि जलोड़ी दर्रा से भी फोर बाई फोर गाडियां ही चल रही हैं। कुल्लू-मनाली के बीच पतलीकूहल के आसपास हाईवे-तीन पर पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। वहीं मणिकर्ण के घटीगढ़ में भूस्खलन होने से मणिकर्ण से बरशैणी मार्ग बंद रहा। हालांकि रातभर जोरदार बारिश हुई है ओर मौसम कूल-कूल हो गया। रोहतांग व जलोड़ी दर्रा में 10 से 12 सेंमी बर्फबारी हुई है। वहीं पर्यटकों को सोलंगनाला से आगे नहीं भेजा गया है।


 

सिरमौर में मौसम ने ली करवट, बारिश शुरू
सिरमौर में भी गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट की। इसके बाद हल्की बारिश शुरू हुई। बारिश शुरू हो जाने के बाद लोगों ने जहां गर्मी से राहत की सांस ली है वहीं जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में फसलों के लिए भी बारिश वरदान साबित होगी। हल्की बारिश के बाद एकाएक ठंड बढ़ गई है।

कहां कितना न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 7.0, सुंदरनगर 10.7, भुंतर 8.5, कल्पा 1.2, धर्मशाला 8.2, ऊना 11.6 , नाहन 10.0, पालमपुर 10.0, सोलन 9.4, मनाली 3.1, कांगड़ा 12.9, मंडी 11.7, बिलासपुर 13.0, जुब्बड़हट्टी 8.8, कुफरी 2.8, कुकुमसेरी -0.6, सेऊबाग 7.0, बरठीं 11.4, कसाैली 10.4, पांवटा साहिब 18.0, सराहन 2.0 , देहरागोपीपुर 14.0, ताबो 1.2 व नेरी में 12.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

राज्य में इतने दिन बरसेंगे बादल
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 19 और 20 मार्च को राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। 19 को चंबा, कांगड़ा, मंडी व लाहाैल-स्पीति में भारी बारिश-बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट है। जबकि शिमला के लिए बारिश के साथ अंधड़ चलने का भी ऑरेंज अलर्ट है। 20 मार्च को शिमला, सिरमाैर व मंडी जिले के लिए भारी बारिश-बर्फबारी व अंधड़ चलने का ऑरेंज अलर्ट है।  21 से 25 मार्च के दौरान राज्य उच्च पर्वतीय कुछ अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है।  विभाग ने विस्तारित अवधि माैसम पूर्वानुमान भी जारी किया है। इसके तहत 27 मार्च से 2 अप्रैल तक कुछ दिनों के दाैरान राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। इस दाैरान वर्षा विसंगति राज्य के अधिकांश भागों में सामान्य से ऊपर रहने के आसार हैं। 

तापमान में आएगा ये बदलाव
उधर, अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले 2-3 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। अगले 3-4 दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में लगभग 3-6 डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी के आसार हैं।

 माता शिकारी देवी मंदिर में भारी बर्फबारी के बीच हुई नवरात्रि पूजा,  कमरुनाग में भी हिमपता
चैत्र नवररात्रि के पहले दिन मंडी जिले की सबसे ऊंची चोटी पर विराजमान माता शिकारी देवी के मंदिर में भारी बर्फबारी के बीच पूजा-अर्चना हुई। 11 हजार फीट की उंचाई पर आसमान से गिरते बर्फ के फाहों के बीच पुजारी और मंदिर कमेटी के लोगों ने माता के दरबार में पहुंचकर विधिवत पूजा की। बता दें, घाटी में बीती रात से ही बर्फबारी का दौर जारी है। माता शिकारी देवी के पुजारी और कारदार गुरुवार सुबह मंदिर पहुंचे और नवरात्रि के पहले दिन विशेष पूजा-अर्चना की। थुनाग उपमंडल के तहत आने वाला माता शिकारी देवी का यह मंदिर समुद्र तल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर पूरी तरह से छत से विहीन है और शिकारी माता यहां खुले आसमान के नीचे ही रहना पसंद करती हैं। सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण यह मंदिर आम लोगों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है। केवल मंदिर के पुजारी और कारदार ही सुबह-शाम माता की पूजा करते हैं। माता के पुजारी सुरेश शर्मा ने बताया कि अभी तक शिकारी देवी में एक फीट से अधिक बर्फबारी हो चुकी है। उन्होंने घाटी में जारी बर्फबारी के चलते श्रद्धालुओं से शिकारी देवी की ओर अपना रुख न करने की अपील की है।  वहीं, मंडी जिले के मैदानी इलाकों की बात करें तो पिछले कल से ही जिला भर में बारिश का दौर जारी है। जिस कारण जिला भर में कड़ाके की ठंड बढ़ गई है। वहीं प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कमरुनाग झील में भी बर्फबारी हुई है।
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चूड़धार में हल्की बर्फबारी
 सिरमौर जिले की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में जहां हल्की बर्फबारी हुई, वहीं मैदानी इलाकों समेत अन्य क्षेत्रों में रिमझिम बारिश हुई। बर्फबारी और बारिश से तापमान में गिरावट आ गई है। चूड़धार में हल्की बर्फबारी हुई। वहीं नौहराधार और इसके साथ लगते कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। बारिश होने से किसानों और बागवानों ने राहत की सांस ली। यह बारिश लहसुन, गेहूं, प्याज व मटर आदि नकदी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हुई है।
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